हरवाही का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- गाँव के अन्य दलित भी उन्ही जमींदारों के यहाँ हरवाही ( हल चलाने का काम ) करते थे . यह हरवाही पुश्त-दर-पुश्त चली आ रही थी ....
- कवन कसूर हम बाबा के कइली कि , बरवा खोजेल हरवहवा ये बाबू जी, दिन भर हरवाही करे सँझिया के घरे आवे, हमहूँ से गोरू छनवावे हमरे बाबू जी.
- मेरे पिता जी जिन पंडित जी की हरवाही करते थे , उनकी बेटी आशा लगभग मेरी ही उम्र की थी, किन्तु देर से पढ़ाई शुरू करने के कारण कक्षा पांच में पढ़ रही थी।
- उनके पिता का नाम अय्यन और माँ का माला था अपने आठ बहन-भाइयों में वे सबसे बड़े थे . पिता अय्यन स्थानीय जमींदार पी . ओ. परमेश्वरन पिल्लै के यहाँ हरवाही करते थे .
- उसी अकुलाहट में , उसी छटपटाहट में वह जैसे अफना रहे थे , ' क्षुधा से आकुल-व्याकुल / मैं भोर तक दौड़ता , / जैसे पटकते पालो ढले शाम लौटे / हरवाही से बैल होरी का ।
- मेरे परिवार में पिता जी के अन्य चारों बड़े भाई हरवाही नहीं करते थे , क्योंकि उनके बड़े बड़े कई बेटे थे, जिनमें से पांच आसनसोल की कोयला खदानों, कलकत्ता की जूट मिलों एवं लोहे के कारखाने में काम करते थे।
- ' ‘ जिसके बाप ने जनम भर हरवाही की , उसी का लड़का हमारे खिलाफ चुनाव लड़े , चुल्लू भर पानी में डूब मरने की बात है , ‘ नींव ' ( हीरालाल नागर ) वे हर हालत में चुनाव जीतना चाहते है।
- बेचैन रात भर लड़ता भिड़ता शब्दों से पहुँच जाता नंदीग्राम , अंधड़ में चीखता चिल्लाता जैसे शापित कोई दशरथ | सन्नाटे को गूंजता कहीं दूर दांतेवा्ड़ा-बस्तर जैसे डाल दिया हो , दोनों कान में ताजा पूरे बत्तीस रुपए का पिघला गर्म लोहा | क्षुधा से आकुल-व्याकुल मैं भोर तक दौड़ता , जैसे पटकते पालो ढले शाम लौटे हरवाही से बैल होरी का | चिढा जाता मुँह , कई शब्दो का टक्कर , जैसे सूखी नदी में देता मूत कोई दोगला अजित पवार ।