कूर्म पुराण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कूर्म पुराण ( 1 । 14 । 18 ) का कथन है कि प्राचीन राजा पृथु ने यहाँ तप किया था।
- 1 . कूर्म पुराण का मत है कि- व्रतोपवासैर्नियमे होमे , ब्राह्मण तर्पणैः तेषां वै रूद्र सायुज्य , जायते तत्प्रसादयतः ।
- 1 . कूर्म पुराण का मत है कि- व्रतोपवासैर्नियमे होमे , ब्राह्मण तर्पणैः तेषां वै रूद्र सायुज्य , जायते तत्प्रसादयतः ।
- चतुर्थ दिवस का समर्थन , विष्णु एवं कूर्म पुराण में तथा कौशिक सूत्र ( 82.29 ) में भी किया गया है।
- कश् यप की कन् या अरुंधती का उल् लेख वायु पुराण , लिंग पुराण , कूर्म पुराण वगैरह में प्राप् त है।
- कश् यप की कन् या अरुंधती का उल् लेख वायु पुराण , लिंग पुराण , कूर्म पुराण वगैरह में प्राप् त है।
- [ 1] यद्यपि कूर्म पुराण एक वैष्णव प्रधान पुराण है, तथापि इसमें शैव तथा शाक्त मत की भी विस्तृत चर्चा की गई है।
- मत्स्य पुराण एवं कूर्म पुराण का कथन है कि नर्मदा अमरकण्टक से निकली हैं , जो कलिंग देश का पश्चिमी भाग है।
- कूर्म पुराण ने नदियों की एक लम्बी सूची देकर अन्त में कहा है कि श्राद्ध करने के लिए गोदावरी की विशेष महत्ता है।
- कूर्म पुराण के अनुसार जो व्यक्ति अग्नि , विष आदि के द्वारा आत्महत्या करता है उसके निमित्त श्राद्ध तर्पण करने का विधान नहीं है।