केहरी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- नमो केहरी वाहिनी शत्रुहन्ती , नमो शारदा ब्रह्मï-विद्या पठन्ती॥ इसी स्तुति के आठवें छंद में वह लिखते हैं- सकल जग मही खालसा पंथ साजै , जगै धर्म हिंदू ना सकल द्वन्द्व माजे।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवध बिहारी , एम. आर. ठाकुर, एस. के . केहरी, मणिपुर-त्रिपुरा कैडर के एम.वी. सुब्बारेड्डी, शिव कुमार तिवारी, बी.एल. तिवारी, सोनमणि बोरा, सिध्दार्थ कोमल सिंह परदेशी कबीरधाम जिले के कलेक्टर रह चुके हैं।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवध बिहारी , एम. आर. ठाकुर, एस. के . केहरी, मणिपुर-त्रिपुरा कैडर के एम.वी. सुब्बारेड्डी, शिव कुमार तिवारी, बी.एल. तिवारी, सोनमणि बोरा, सिध्दार्थ कोमल सिंह परदेशी कबीरधाम जिले के कलेक्टर रह चुके हैं।
- रबर बुलेट से बदायूं के होमगार्ड केहरी सिंह , मिर्जापुर के मंगल और शेषमणि सिंह का सिर फट गया जबकि पथराव में मिर्जापुर के अवधेश दुबे, गाजीपुर के बैजनाथ, प्रतापगढ़ के शीतला प्रसाद दुबे को काफी चोटें आईं।
- राजा भोज द्वारा बनवाया गया बड़ा तालाब , लक्ष्मीनारायण मंदिर, मंदिर, गुफा मंदिर, मनुआभान की टेकरी, केहरी महादेव मंदिर, सेन्ट्रल लायब्रेरी, प्राचीन दरवाजे, एशिया की सबसे बड़ी ताजुल मस्जिद, जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, कफ्र्यू वाली देवी का मंदिर, काली मंदिर, सदर
- इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा 0 रूपेश कुमार , पुलिस अधीक्षक अशफाक अहमद , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा 0 मंजू शर्मा , उप जिलाधिकारी खेरागढ केहरी सिंह तथा तहसीलदार राजीव पाण्डेय एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- राजा केहरी सिंह के उत्तरवर्ती सभी राजाओं यानी राजा विजय सिंह , विद्या सिंह , राम सिंह , रूद्र सिंह , उग्र सिंह , महेंद्र सिंह , शमशेर सिंह और पद्म सिंह के राज्यकाल तक यानी सन् 1947 तक यह समझौता जारी रहा।
- नंदा दीप जलाना होगा| अंध तमस फिर से मंडराया , मेधा पर संकट है छाया| फटी जेब और हाँथ है खाली, बोलो कैसे मने दिवाली ? कोई देव नहीं आएगा, अब खुद ही तुल जाना होगा| नंदा दीप जलाना होगा|| केहरी के गह्वर में गर्जन, अरि-ललकार सुनी कितने जन?
- घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से केहरी पुत्र बोली उर्फ पे्रमराज निवासी बागवाधिका मेहरारा सहपयु हाथरस सहि आठ लोगों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से दो सीएमपी 15 बोर , तीन सीएमपी 12 बोर , चार चाकू व भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
- कितनी सहजता से कितनी केहरी बात कह दी , हर पंक्ति एक रिश्ता बयाँ कर रही है , ये पंक्तिया अभी तक मन में तैर रही है और जिस तरह नदी पार हो जाने पर नाव साथ नहीं चलती मुझे भी तुम्हारा साथ अच्छा नहीं लगता था तुम्हारे साथ मैं खुद को दुनिया को बच्चा दिखता था .