खिसियाना का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ओह , क्यों नहीं मैंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया ? जब वह मेज क़े पास आकर खडा हुआ , तो क्यों नहीं मैंने कह दिया कि माफ कीजिए , मैं आपको पहचानती नहीं ? जरा उसका खिसियाना तो देखती! वह कल भी आएगा।
- श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने के बारे में बीजेपी को इसके पहले भी एक बार खिसियाना पड़ा था जब प्रो मुरली मनोहर जोशी बीजेपी के अध्यक्ष थे और पीवी नरसिम्हा राव प्रधान मंत्री पद पर विराजमान थे . प्रो . जोशी के नेतृत्व में झंडा फहराने वालों की टोली दिल्ली से चल पड़ी .
- यही तो है वह व्यक्ति जिसने मुझे अपमानित करके सारी दुनिया के सामने छोड दिया था , महज उपहास का पात्र बनाकर ! ओह , क्यों नहीं मैंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया ? जब वह मेज क़े पास आकर खडा हुआ , तो क्यों नहीं मैंने कह दिया कि माफ कीजिए , मैं आपको पहचानती नहीं ? जरा उसका खिसियाना तो देखती ! वह कल भी आएगा।
- उनकी ग़लती नहीं , सदियों से शायद उनकी यह आदत बन गयी है कि कोई ज़ोर से, लगभग चीख़ते हुए आवाज़ देता है ..“स्पॉट ! ” और उन तीन चार में से कोई भी एक दौड़ा चला आता है फिर उसे आदतन फट्कारा जाता है कि ”अबे कब से बुला रहे हैं कहाँ है?!“ वो अपना खिसियाना सा खड़ा रहता है फिर उसे आदेश दे भगा दिया जाता है..”अब जा भी, जा चाय लेकर आ, साले सोते रहते हैं! “..बस ऐंवईं...
- क्रियाएँ जैसे- अकबकाना ( चौंकना), टरकाना (टालमटोल), कीनना (ख़रीदना), खिसियाना (गुस्सा करना), हँसोथना (जल्दी समेटना), भमोर लेना (मुँह से काट लेना), बकोटना (नाखून से नोंचना), लबड़-लबड़ (जल्दी जल्दी बात बनाना), ढ़ूंकना (प्रवेश करना), खिसियाना (गुस्सा करना), भुतलाना (खो जाना), बीगना (फेंकना), गोंतना (पानी में डुबाना), धड़फड़ाना (जल्दी के चक्कर में गिर जाना), मेहराना (नम होना), सरियाना (सँवारना), चपोड़ना (रोटी में घी उड़ेलना), सुतल (सोया हुआ), देखलिअई (देखा), बजाड़ना (पटकना), टटाना (दर्द करना), तीतना (भींग जाना), बियाना (पैदा होना), पोसना (लालन-पालन करना) आदि।
- क्रियाएँ जैसे- अकबकाना ( चौंकना), टरकाना (टालमटोल), कीनना (ख़रीदना), खिसियाना (गुस्सा करना), हँसोथना (जल्दी समेटना), भमोर लेना (मुँह से काट लेना), बकोटना (नाखून से नोंचना), लबड़-लबड़ (जल्दी जल्दी बात बनाना), ढ़ूंकना (प्रवेश करना), खिसियाना (गुस्सा करना), भुतलाना (खो जाना), बीगना (फेंकना), गोंतना (पानी में डुबाना), धड़फड़ाना (जल्दी के चक्कर में गिर जाना), मेहराना (नम होना), सरियाना (सँवारना), चपोड़ना (रोटी में घी उड़ेलना), सुतल (सोया हुआ), देखलिअई (देखा), बजाड़ना (पटकना), टटाना (दर्द करना), तीतना (भींग जाना), बियाना (पैदा होना), पोसना (लालन-पालन करना) आदि।