गुरमति का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- भास्कर न्यूज - ! -आनंदपुर साहिब गुरमति प्रचार मिशन आनंदपुर साहिब द्वारा 7 व 8 दिसंबर को होने वाली ‘कौन बनेगा दशमेश पिता का लाडला' धार्मिक प्रतियोगिता भाई नंद लाल पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल में करवाई जा रही है।
- स्कूल के इस विद्धार्थी ने हरवल्लभ संगीत सम्मेलन जालंधर , गुरमति संगीत सम्मेलन , पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, बालीवुड अकौडमी मलेशिया सहित विभिन्न मुकाबलों में भाग लेकर अपनी कला के जौहर दिखाए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
- स्कूल के इस विद्धार्थी ने हरवल्लभ संगीत सम्मेलन जालंधर , गुरमति संगीत सम्मेलन , पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, बालीवुड अकौडमी मलेशिया सहित विभिन्न मुकाबलों में भाग लेकर अपनी कला के जौहर दिखाए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
- स्कूल के इस विद्धार्थी ने हरवल्लभ संगीत सम्मेलन जालंधर , गुरमति संगीत सम्मेलन , पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, बालीवुड अकौडमी मलेशिया सहित विभिन्न मुकाबलों में भाग लेकर अपनी कला के जौहर दिखाए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
- स्कूल के इस विद्धार्थी ने हरवल्लभ संगीत सम्मेलन जालंधर , गुरमति संगीत सम्मेलन , पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, बालीवुड अकौडमी मलेशिया सहित विभिन्न मुकाबलों में भाग लेकर अपनी कला के जौहर दिखाए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
- यह भी जहाँ मध्यकाल का गुरमति काव्य सचेत तौर पर सामाजिक व्यवस्था का विरोध करता है , वहीं पंजाबी किस्सा काव्य में स्वतंत्र प्रेम के समर्थनार्थ जाति आधारित विवाह की पारम्परिक प्रथा को मारक चुनौती दी गई है।
- आर्यिका गुरमति माताजी के कथन पर समाज के अध्यक्ष अनिल जैन , मंत्री अंकल , सदस्य एलसी जैन सहित अन्य ने सहमति जताते हुए मंदिरों में जींस , टी-शर्ट पहनकर आने वाली युवतियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया।
- मानसा- ! - गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव और संत बाबा ईश्र सिंह जी नानकसर ठाठ कलेरां वालों की 100 वर्षीय जन्म शताब्दी को समर्पित महान गुरमति संत समागम और इकोत्री समागम 20 नवंबर से 24 नवंबर तक राम लीला ग्राउंड बुढलाडा में करवाया जा रहा है।
- लेकिन Êयादातर मराठी लोग इस गौरव से अनजान हैं कि गुरमति विचारधारा की जिस Êामीन पर गुरु नानक साहिब ने सिखी का पौधा लगाया और दूसरे गुरु साहिबान ने सींच-संभाल से बड़ा किया , उस Êामीन की तैयारी के लिए सबसे पहले अहम रोल भगत नामदेव जी ने निभाया था।
- उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के गुना नगर में चातुर्मासरत आचार्यश्री की प्रथम शिष्या आर्यिका गुरमति माताजी ने धर्मसभा में मंदिरों में बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति पर कहा था कि युवतियां भगवान के दरबार में जींस , टॉप , टी-शर्ट पहनकर न आएं , ताकि दूसरों के भाव खराब न हों।