छप्पय का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- तुलसीदास जी के संबंध में नाभा जी का प्रसिद्ध छप्पय है -
- की संख्या अधिक है , यद्यपि बीच बीच में घनाक्षरी और छप्पय भी हैं।
- कवियों द्वारा प्रयुक्त लगभग बहत्तर प्रकार के छन्दों में छप्पय की प्रधानता है।
- वीर महाराज हम्मीरदेव का चरित्र वीरगाथाकाल की छप्पय पद्ध ति पर वर्णन किया
- इनके बनाए दो ग्रंथ परंपरा से प्रसिद्ध हैं - ' रुक्मिणीमंगल' और 'छप्पय नीति'
- इन टीकाओं के अतिरिक्त बिहारी के दोहों के भाव पल्लवित करने वाले छप्पय ,
- आजकल उसी बाघा के लिये राजस्थान में यह छप्पय बड़ा प्रचलित है :
- इन्होंने कवित्व , दोहा ,छप्पय और सवैया छंदों में काव्य रचना की है .
- प्रथम छप्पय में कबीरदास की वाणी की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है।
- इसमें दोहा , सवैया, घनाक्षरी और कभी-कभी छप्पय आदि छंदों का प्रयोग किया गया है।