जलकण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- हिन्दी शब्दकोश में कुहासा बहुत पहले से ही प्रचलन में है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है हवा में मिले जलकण , जो ठण्ड से जमकर नीचे गिरते हैं।
- जलकण बनने के उपरांत भी यदि वायु का ताप कम होते होते हिमांक से भी कम हो जाता है , तो जलकण हिमकणों का रूप धारण कर लेते हैं जिससे हिमवर्षा होती है।
- जलकण बनने के उपरांत भी यदि वायु का ताप कम होते होते हिमांक से भी कम हो जाता है , तो जलकण हिमकणों का रूप धारण कर लेते हैं जिससे हिमवर्षा होती है।
- कविता के विषय में अपनी ही कविता की दो पंक्तियां देता हूं- ' कवि हृदय विकल जब होता है तो भाव उमड़ ही आते हैं,नयनों से भीगे से जलकण कविता बन कर बह जाते हैं।
- कविता के विषय में अपनी ही कविता की दो पंक्तियां देता हूं- ' कवि हृदय विकल जब होता है तो भाव उमड़ ही आते हैं, नयनों से भीगे से जलकण कविता बन कर बह जाते हैं।
- वह बालों में घुस आये जलकण को झटके से दूर करती बोली , “छाता है, ... तो यहां क्या कर रहे हो? .. चलो यहां से!” उस समय वह इन्द्रसभा की अप्सरा ही तो लग रही थी।
- कविता के विषय में अपनी ही कविता की दो पंक्तियां देता हूं- ' कवि हृदय विकल जब होता है तो भाव उमड़ ही आते हैं , नयनों से भीगे से जलकण कविता बन कर बह जाते हैं।
- अंत में विष्णु भगवान से अनुमति लेकर ब्रह्मा ने अपने कमण्डल से प्रूथ्वी पर जल छिड़का , जिस कारण जलकण बिखरते ही उसमें कंपन होने लगा तथा वृक्षों के बीच से एक अद्भुत शक्ति का प्राकट्य हुआ।
- शरीर में स्वेद-बिन्दु झलकने लगे और जिस प्रकार वायु के झोंके से पुष्पदल पर पड़े हुए ओस के जलकण पृथ्वी पर गिर जाते हैं , उसी प्रकार माधवी के नेत्रों से अश्रु के बिन्दु बालाजी के हाथ पर टपक पड़े।
- हम फिर से बनेंगे हिरणयूथ और साथ-साथ थिरकेंगे हमारे पैर ऊखलों की पाँत में मूसलों का धमधम पूरन-पात पर जलकण टपटप काग़ज की चौड़ी हथेली पर लाख-लाख निबों की टिपटिप सब एक दूसरे का संगतकार कोई नहीं लगा किसी को पछुआने में।