जीमूत का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ऐसा लगता है कि पुराणों में जीवत्पुत्रिका व्रत की कथा के साथ जो जीमूत वाहन की कथा संबद्ध है वह लोककथाओं के आधार पर ही है , क्योंकि पौराणिक जीमूत वाहन ने नार्गों की रक्षा के लिए अपनी देह का त्याग किया था।
- ऐसा लगता है कि पुराणों में जीवत्पुत्रिका व्रत की कथा के साथ जो जीमूत वाहन की कथा संबद्ध है वह लोककथाओं के आधार पर ही है , क्योंकि पौराणिक जीमूत वाहन ने नार्गों की रक्षा के लिए अपनी देह का त्याग किया था।
- उपयोग - धामागर्व , इक्ष्वाकु , जीमूत , कृत्वेधन , मदन , कुटज , त्रपुष , हस्तीपर्णी , इनके फलों का प्रयोग वमन तथा आस्थापन अर्थात रुक्षवस्ति में करना चाहिए और नासिका से शिरोवेच अर्थात नास्य लेने में प्रत्यकपुष्पी ( अपामार्ग ) का प्रयोग करना चाहि ए.
- उपयोग - धामागर्व , इक्ष्वाकु , जीमूत , कृत्वेधन , मदन , कुटज , त्रपुष , हस्तीपर्णी , इनके फलों का प्रयोग वमन तथा आस्थापन अर्थात रुक्षवस्ति में करना चाहिए और नासिका से शिरोवेच अर्थात नास्य लेने में प्रत्यकपुष्पी ( अपामार्ग ) का प्रयोग करना चाहि ए.
- इसी खोज के क्रम में विद्याधर जातक , बृहत्कथा , उसके अनुवाद , उसपर आधारित नाटकों एवं पुराणों-उपपुराणों के भीतर अंतनिर्हित सामग्री की परीक्षा के साथ-साथ मगध की वर्तमान प्रचलित परंपरा के साथ ‘ जीमूत ' की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट किया गया है जो लोक-परंपरा में ‘ जीउत ‘ हैं।
- होली , दीपावली, छठ, सरस्वती पूजा, दर्ुगापूजा, जीमूत वाहन की पूजा, व्रतबन्ध, विवाह एवम् अन्य संस्कार पूरब मेची से पश्चिम महाकाली तक के बाइसो मधेशी जिलों में एक ही तरह से मनाए जाते है, जमीन की समतलता भी एक सी है और आध्यात्मिकता के मूलमन्त्र को भी हम सभी समान आदर देते है तो हम सब लोग मधेशी हैं, यह स्वयंसिद्ध है ।
- शशबिंदु से लेकर भीम सात्वत तक यादवों की मुख्य शाखा के जिन राजाओं के नाम मिलते है वे ये हैं-पृथुश्रवस , अंतर , सुयज्वा , उशनस , शिनेयु , मरूत्त , कम्बलवहिंस् , रूक्म-कवच , परावृत , ज्यामध , विदर्भ , कृथ भीम , कुंति , श्रृष्ट , निर्वृति , विदूरथ , दशार्ह , व्योमन , जीमूत , विकृति , भीमरथ , रथवर , दशरथ , एकदशरथ , शकुनि , करम्भ , देवरात , देवक्षेत्र , देवन , मधु पुरूवश , पुरूद्वंत , जंतु या अम्शु , सत्वंत और भीम सात्वत ।
- शशबिंदु से लेकर भीम सात्वत तक यादवों की मुख्य शाखा के जिन राजाओं के नाम मिलते है वे ये हैं-पृथुश्रवस , अंतर , सुयज्वा , उशनस , शिनेयु , मरूत्त , कम्बलवहिंस् , रूक्म-कवच , परावृत , ज्यामध , विदर्भ , कृथ भीम , कुंति , श्रृष्ट , निर्वृति , विदूरथ , दशार्ह , व्योमन , जीमूत , विकृति , भीमरथ , रथवर , दशरथ , एकदशरथ , शकुनि , करम्भ , देवरात , देवक्षेत्र , देवन , मधु पुरूवश , पुरूद्वंत , जंतु या अम्शु , सत्वंत और भीम सात्वत ।