तूरा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ( नानक बुगोयद ) नानक जी कह रहे हैं कि हे कबीर परमेश्वर आप की कृपा से ( तेरे चाकरां पाखाक ) आपके सेवकों के चरणों की धूर डूबता हुआ ( जनु तूरा ) बंदा पार हो गया।
- किन्तु स्वाद में खट्टा होने के साथ ही अत्यन्त तूरा लगने से प्रायः यह फल खाने में नहीं आ पाता और सामान्यतया घरों में अक्सर सिर्फ आंवले की लौंजी ही कभी कभी बना-खाकर इसका सीजन गुजार दिया जाता है ।
- शांति कीतलाश में दिन रैन कस् तूरा हो भटक रहे मेरे शहर में एकाएक किसी ऐरे गैरे नत् थूखैरे बाबा के आने पर जो हाल बेहाल हो जाता है वही हाल बेहाल हिंदी पखवाड़े के आनेपर मेरे देश का हो जाता है।
- गत दिनों चोर तूरा गांव के बाबा रामदेव मंदिर से चांदी के आभूषण चुरा कर ले गए थे चोर भास्कर न्यूज - ! - सायला तूरा गांव के बाबा रामदेव मंदिर से गत दिनों चोरी हुए बाबा रामदेव के चांदी का बड़ा घोड़ा बुधवार सवेरे नदी क्षेत्र में मिला।
- गत दिनों चोर तूरा गांव के बाबा रामदेव मंदिर से चांदी के आभूषण चुरा कर ले गए थे चोर भास्कर न्यूज - ! - सायला तूरा गांव के बाबा रामदेव मंदिर से गत दिनों चोरी हुए बाबा रामदेव के चांदी का बड़ा घोड़ा बुधवार सवेरे नदी क्षेत्र में मिला।
- जौ मन लागै एक सों , तो निरुवारा जाय तूरा दो मुख बाजता, घना तमाचा खाय संत श्री कबीरदास जी कहते हैं अगर एक ही स्थान या काम में मन लगाया तो शीघ्र ही परिणाम प्राप्त हो जाता है पर अगर जो ढोल की तरह दो मुखों से काम करता है तो उसे थप्पड़ ही झेलने पड़ते हैं अर्थात उसे असफलता हाथ लगती है।
- जौ मन लागै एक सों , तो निरुवारा जाय तूरा दो मुख बाजता , घना तमाचा खाय संत श्री कबीरदास जी कहते हैं अगर एक ही स्थान या काम में मन लगाया तो शीघ्र ही परिणाम प्राप्त हो जाता है पर अगर जो ढोल की तरह दो मुखों से काम करता है तो उसे थप्पड़ ही झेलने पड़ते हैं अर्थात उसे असफलता हाथ लगती है।
- अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई , आधा दर्जन से अधिक लोगों ने कर रखा था अतिक्रमण उपखंड क्षेत्र के तूरा ग्राम पंचायत की गोचर भूमि पर आधा दर्जन से अधिक लोगों द्वारा किए गए कच्चे निर्माण पर प्रशासन की एफडीआई के विरोध में एबीवीपी ने फूंका पुतला एफडीआई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर प्रदर
- आधी रात को उचटी नींद के बाद उसने सोचा , अपने आप से नाराज हो जाए , लेकिन क्या होगा ? इतना अनिश्चित कोई कैसे हो सकता है , ना किसी पत्ती की हरियाली ने उसे नम किया ना फूल ने खुश , ना गीत ने अभिभूत , कच्चे अनार सा चटका तूरा , बेस्वाद मौसम उसके आँगन से गुजर गया , विरोध दर्ज नही हो पाया , करना भी नही ...