दंडी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- दंडी आदि कई संस्कृत आचार्यों के उदाहरण भी लिए गए हैं।
- आचार्य दंडी ने अवस्था की योजना करके यह लक्षण लिखा है-
- दंडी ने कहा- वांङमय के दो भेद हैं- स्वाभावोक्ति तथा वक्रोक्ति।
- दंडी आदि काव्यशास्त्रियों के महाकाव्य-लक्षणानुसार ही प्राय : अधिकांश वर्ण्यविषय गुंफित हैं।
- लिखते समय बाण और दंडी इनके ध्यान में रहा करते थे।
- दंडी ने भी वक्रोक्ति को भामह के समान ===महत्व दिया है।
- दंडी आदि कई संस्कृत आचार्यों के उदाहरण भी लिए गए हैं।
- दंडी के दशकुमार चरित व बाणभट्ट की कादंबरी में भी शिव हैं।।
- विरुद्ध रूपक भी दंडी से नहीं मिलता और रूपकातिशयोक्ति हो गया है।
- दंडी ने तो “अपभ्रंश” भाषा को आभीरादि की ही बोलियाँ माना है।