दुनियावाले का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- रास्ता वही और मुसाफिर वही एक तारा न जाने कहाँ छुप गया दुनिया वही , दुनियावाले वही कोई क्या जाने किसका जहां लूट गया मेरी आँखों में रहे, कौन जो तुझसे कहे मैंने दिल तुझको...
- दिनेश जी , परिभाषा माने वह बताइए जो दुनियावाले मानते हैं जब आम बोलचाल मे दुनियावाले कहते हैं -यह असली मर्द है- तो उसके क्या मायने लेंगे आप? बस वही समझना चाह रही हूँ !
- दिनेश जी , परिभाषा माने वह बताइए जो दुनियावाले मानते हैं जब आम बोलचाल मे दुनियावाले कहते हैं -यह असली मर्द है- तो उसके क्या मायने लेंगे आप? बस वही समझना चाह रही हूँ !
- जानकर की गई हो या अनजाने में दुनियावाले खता माफ करते नहीं दुनियावालों का ये ज़ुलम तो देखिए देके भी जो सज़ा माफ करते नहीं जिँदगी बन गई कैद इंसान की कोई इलज़ाम लेकर किधर जाएगा देख सकते नहीं …
- ना सोचे तो लापरवाह सोचने लगे तो चिंतित , ना करे तो कामचोर करने लगे तो पागल , पता नहीं क्या चाहते है ये दुनियावाले मुझ से , डुबोना , तैराना या फिर कि बैठा ही रहूँ मै उस ओर ही नदी के .....
- दुनिया , दुनियाँ, संसार, विश्व, जगत, जहाँ, जहान, ज़माना, जमाना, लोक, दुनियावाले, दुनियाँवाले, लोग - संसार में रहने वाले लोग “महात्मा गाँधी का सम्मान पूरी दुनिया करती है / मैं इस दुनिया की परवाह नहीं करता / आज की दुनिया पैसे के पीछे भाग रही है”
- कुम्भ के साधू सा थके हैं दिनभर , अब घर जायेंगे महफिलें सजाएं दुनियावाले, वहां हम कहाँ जायेंगे! सूरज की आड़ में छिपी थी रौशनी परछाईं बनके टिमटिमाती लौ लेकर चाँद के सामने कहाँ जायेंगे जिस दरख्त को लग जाए हवस दावानल की उसके लिए लोग कुल्हाड़ी लेकर कहाँ जायेंगे.
- दुनिया से खुद को बांटने के लिए मैंने एक दीवार बनाई ईंटे कम थी इस लिए चार दीवारी बन नहीं पाई दीवार के इस तरफ खड़े है तीन वकील घड़ी , कैलंडर और आईना मैं जब कहता हूँ की वक्त रुक गया है तो तीनो बहस करने लगते है दीवार के उस तरफ दुनियावाले है जो [...]
- कुछ सुनो , कुछ सुनाओदास्ताँ अपने गुज़रे कल कीआज की तो सब हकीक़तेंअफसाना बन चुके हैंथा वक़्त जब, तब न हवास लौटे मेरेआज की न पूछो हमारीअब तो दीवाने बन चुके हैं वो तुम ही तो हो सिर्फजो अपने से लगते होबाकी दुनियावाले अब बेगाने बन चुके हैंवो गैर थे कभीतुम गैर हो अभीआशना नए हो तुमबाकी पुराने बन चुके हैं....
- अगर दुनियावाले लड़कियों मे यह डर बैठाना चाहते हैं कि रात को दो बजे घूमोगी तो हम तो रेप ही करेंगे तो मुझे लगता है कि अहिंसात्मक विरोध के लिए प्राइवेट स्पेस के प्रतीक के रूप मे पिंक चड्डी से बेहतर विकल्प नही हो सकता , जबकि इस लोकतांत्रिक देश की सरकार मुतालिख जैसों को कानून के साथ खिलवाड़ करने की छूट दे रही हो और हर गली नुक्क्ड़ पर दो चार संस्कृति के स्वयमभू ठेकेदार लड़कियों का राह चलना दूभर कर दें और हम मे से कोई किसी एक स्त्री की फजीहत करते हुए उसके मोबाइल का नम्बर बांटने लगें।