दोपाया का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अपने सगे भाई से लड़ने वाला , सजातियों से झगड़ने वाला , भेदभाव की सैंकड़ों दीवारें खड़ी करने वाला यह दोपाया वाचाल पशु , खून का प्यासा , सारी सृष्टि को लूटने वाला यह लफंगा , इसका पेट कभी भी भरता नहीं।
- प्रवचन करने वाला वह बाबा जो सचमुच तत्त्ववेता और ज्ञान मर्मज्ञ है , वस्तुतः एक गड़ेरिया ही है , जिसके पीछे हजारों दोपाया भेड़ें मेंमें करती चली जा रही हैं .... उठ तो उठ .... बैठ तो बै ठ. ... चल तो चल .... ।
- दरोगा अर्थात् द रो के या गा के यानि इस दोपाया ( आदमी या जानवर का निर्णय हम आप पर छोड़ते हैं ) के शिकंजे में अगर आप आ गए हैं तो आपको कुछ-न-कुछ पैसा देना ही पड़ेगा चाहे खुश होकर दीजिए या रो पीटकर।
- उससे भी बड़ा झूठ होता है इनका वह सच जो कहता है ' इन सारी इमारतों के नीचे थी कभी कोरी ज़मीन जिस पर जताने के लिए मालिकाना हक भाषा को निर्मित और लिपिबद्ध कर सकने वाला कोई दोपाया उस वक़्त तक ना जन्मा था .. '
- ( ४) कवि मंसूर अत्यंत आक्रोश के साथ कुत्तों के असफल और अदक्ष दोपाया अनुचरों पर प्रहार करते हुए कहते हैं कि 'असल' में पिछड़ जाने के बावजूद वे सारे स्वनियोजित नकली क्रीडा प्रतियोगिताओं के विजेता होने का ढोंग और प्रदर्शन करते हैं ! हर मौके का फायदा उठाते हैं !
- ( ६) कवि कहते हैं कि अगर अर्थ ( मायने ) निकालने वाले बंदे गैर हों तो अनर्थ हो जाता है इन हालात में कुत्ते और उनके दोपाया अनुचरों को कठपुतलियों जैसा ट्रीटमेंट मिलता है और फिर वे सभी पछताने के अतिरिक्त कुछ कर भी नहीं सकते ! निष्कर्ष : इस अदभुत और भावप्रवण कविता के जरिये कवि दोपायों(इंसानों)को कुत्तियात(पशुता)से मुक्त होने का सन्देश देते हैं !
- तो हाँ हम बात कर रहे थे मिया पप्पू ( वैधानिक चेतावनी: ये पप्पू कांट डांस वाला पप्पू नहीं है यद्यपि डांस विधा में ये मात्र क ख ग ही शायद जानते हों ) की , हाँ तो ये तो वो जीव थे जिन्हें राह चलती किसी भी दोपाया मादा से जिसकी उम्र २ अंको में हो से प्यार हो जाता था और प्यार की ये तीव्रता उसके घर से कुल दूरी के समानुपाती एवं उस मादा से रिश्ते की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती थी।