निधड़क का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों का जो गठजोड़ आदिवासियों के नामं पर दी गए साधन को हड़प करता रहा है , वह माओवादियों को इस लूट का हिस्सा देकर निधड़क अपनी लूट जारी रखे हुए है .
- यहूद 1 : 12 ये मनुष्य समुद्र तल की छिपी चट्टान है , जो तुम्हारे प्रीति-भोजों में तुम्हारे साथ निधड़क खाते-पीते हैं , केवल अपना ही ध्यान रखते हैं , निर्जल बादल हैं जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है
- 25 तीसरे दिन , जब वे लोग पीड़ित पके थे , तब ऐसा हुआ कि शिमोन और लेवी नाम याकूब के दो पुत्रोंने , जो दीना के भाई थे , अपक्की अपक्की तलवार ले उस नगर में निधड़क घुसकर सब पुरूषोंको घात किया।
- जहां पहले राज्य अपनी लोकप्रियता और अस्तित्व रक्षा के लिए ही सही गरीबों के प्रति सदय और अमीरों के प्रति सख्त होने का यथार्थ या स्वांग प्रस्तुत करता था , वहीं भूमंडलीकृत विश्व में राज्य वंचित तबके के प्रति अपने दायित्वों को दरकिनार करके वर्चस्वशाली समुदाय के लिए निधड़क गलीचे बिछाने लगा।
- जहां पहले राज्य अपनी लोकप्रियता और अस्तित्व रक्षा के लिए ही सही गरीबों के प्रति सदय और अमीरों के प्रति सख्त होने का यथार्थ या स्वांग प्रस्तुत करता था , वहीं भूमंडलीकृत विश्व में राज्य वंचित तबके के प्रति अपने दायित्वों को दरकिनार करके वर्चस्वशाली समुदाय के लिए निधड़क गलीचे बिछाने लगा।
- लुटेरों में से एक ने भाला उठाकर शत्रुओं की ओर दिखाते हुए अपने लोगों से कहा , “ देखो , उधर देखो ! निर्भय होकर जब ये लोग गण्डक जैसे खूंख्वार जानवरों को ही अपनी सवारी बनाकर निधड़क आ-जा सकते हैं तब हम अनुमान लगा सकते हैं कि वे कितने साहसी हैं ! हम उनके सामने कैसे टिक सकते हैं ? ”
- जोरो जुल् म जिसको सहना हो , / वह चुपचाप सहे जावे , / जिसको दुनिया नई बनानी हो , / निधड़क आगे आवे ! वह दुश् मन से डरता है कब , / साथिन है हंसिया जाकी ? जिसके हाथ हथौड़ा , उसको खौफ न मरने का बाकी ! बढ़ा काफला मजदूरों का / कुत्ते लगे भूंकने झट / सरमायादारी ने डर कर , / घबरा कर बदली करवट !
- जैसे खाना को खनवा , पानी को पनिया , गधे को गधोउ , घोड़े को घोड़उ घी को घिउ , भोजन को जेउना , सामूहिक भोजन को जयौनार , खाने के बाद मुंह धोने को अचवाना , लेटने को पौड़ना , सोने को सुतना , भाई को भयल , बहन को बहिनी , माँ को महतारी , बॉके जवान को छयल , लकड़ी के पाटे को पिढ़ई , बेलन को बिलना , ननिहाल को ननियाउर , निधड़क को निधरक , कांवारि , लहकौरि कलेवा आदि अनेक शब्द है जो तुलसी ग्रन्थों में बाहुल्य के साथ है ।
- जैसे खाना को खनवा , पानी को पनिया , गधे को गधोउ , घोड़े को घोड़उ घी को घिउ , भोजन को जेउना , सामूहिक भोजन को जयौनार , खाने के बाद मुंह धोने को अचवाना , लेटने को पौड़ना , सोने को सुतना , भाई को भयल , बहन को बहिनी , माँ को महतारी , बॉके जवान को छयल , लकड़ी के पाटे को पिढ़ई , बेलन को बिलना , ननिहाल को ननियाउर , निधड़क को निधरक , कांवारि , लहकौरि कलेवा आदि अनेक शब्द है जो तुलसी ग्रन्थों में बाहुल्य के साथ है ।