नृग का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- इसके विषय में महाभारत में उल्लेख है कि दानवीर महाराज नृग भूलवश किये एक छोटे से अपराध के कारण गिरगिट बन गये थे .
- लक्ष्मण के जिज्ञासा करने पर उन्होंने राजा नृग की कथा सुनाते हुये कहा , ” पहले इस पृथ्वी पर महायशस्वी राजा नृग राज्य करते थे।
- लक्ष्मण के जिज्ञासा करने पर उन्होंने राजा नृग की कथा सुनाते हुये कहा , ” पहले इस पृथ्वी पर महायशस्वी राजा नृग राज्य करते थे।
- गिरगिट ने कहा , “ हे भगवन ! मैं पूर्वजन्म में राजा नृग था | अपने राज-काल में मैंने एक सहस्त्र यज्ञ किए थे | ”
- मनु के पुत्रा नृग से सुमति , सुमति से भूत ज्योति और उसका पुत्रा वसु हुआ , वसु का पुत्रा प्रतीक , प्रतीक का पुत्रा ओधवान् ।
- उसी समय उन गौओं के साथ एक दरिद्र ब्राह्मण की गाय बछड़े सहित आकर मिल गई और राजा नृग ने संकल्पपूर्वक उसे किसी ब्राह्मण को दान कर दिया।
- उसी समय उन गौओं के साथ एक दरिद्र ब्राह्मण की गाय बछड़े सहित आकर मिल गई और राजा नृग ने संकल्पपूर्वक उसे किसी ब्राह्मण को दान कर दिया।
- आप अपनी कृपा , वीरता , सौन्दयर् आिद का शुल्क देकर वीर-कन्याओं से िववाह करंेगे और जगदीश्वर ! आप द्वािरका मंे रहते हुए नृग को पाप से छुड़ायंेगे।
- महाराज मनु को इक्ष्वाकु , नृग , धृष्ट , शर्याति , नरिष्यन्त , प्रान्शु , नाभाग , दिष्ट , करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।
- महाराज मनु को इक्ष्वाकु , नृग , धृष्ट , शर्याति , नरिष्यन्त , प्रान्शु , नाभाग , दिष्ट , करूष और पृषध्र नामक दस श्रेष्ठ पुत्रों की प्राप्ति हुई।