पाँख का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- आ मीत ! चल साथ उडें , आ हाथ मिला बिन पाँख उडें आ चल ऐसी उडान उडें , जिसकी ना कोई विमा हो,जिसकी ना कोई सीमा हो , क्यों समझे हम छोटा ख़ुद को ,क्यों कहें ना हम खुदा ख़ुद को , जब वह बैठा सबके अन्दर है ,तब फ़िर क्या यह सात समंदर है , आ भर ऊर्जा ! क्षितिज को पार करें आ हम उन्मुक्त गगन में नाद करें - “ आ मीत ! चल साथ उडें , आ हाथ मिला बिन पाँख उडें ”
- उजाड़ रहा अपनी अस्मिता की बुलंद इमारत खरोच रहा अपने ही पाँख सलाइयों से आँखें दी है प्रभु ने समदर्शियों के लिए हम स्वयं ही काना बनने के लाघव प्रयत्न में हैं परम्परा के नाम पर बाँट दिया संस्कृति को मानव सभ्यता बनने से पहले मिटा दिया मानव को दोष हमें हो या उन्हें दोनों ने किया दोषारोपण किसी ने कुछ कम किसी ने कुछ ज्यादा मिला क्या व्यर्थ का विवाद हम बाँट रहे सूरज धरती , चाँद , हवा , पानी कहते सुना था इस देश की उस देश की कहानी मानवीय सभ्यता के विकास में