पांख का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ईमान की बात क्या आदमी खुद ही बिकने को है तैयार नहीं मिलते अब आजादी के साथ जिंदगी गुजारने की चाहत रखने वाले गुलाम बनने के लिये सब हैं तैयार इसी चाहते में बनते ं होशियार कतारें लगी हैं लंबी उनकी आदमी हो या औरत इस पर बहस करना है बेकार ऊंचा उड़ने की ख्वाहिश में बंधी हैं जंजीरें उनके पांवों में अपने हों या किराये के पांख इस पर सोचने में नहीं करते वह कोई विचार -
- ईमान की बात क्या आदमी खुद ही बिकने को है तैयार नहीं मिलते अब आजादी के साथ जिंदगी गुजारने की चाहत रखने वाले गुलाम बनने के लिये सब हैं तैयार इसी चाहते में बनते ं होशियार कतारें लगी हैं लंबी उनकी आदमी हो या औरत इस पर बहस करना है बेकार ऊंचा उड़ने की ख्वाहिश में बंधी हैं जंजीरें उनके पांवों में अपने हों या किराये के पांख इस पर सोचने में नहीं करते वह कोई विचार -
- हवेली याद आती है , ‘ जिसमें कितने अपने ( थे ) , कितने पराये , कुछ ठीक नहीं . ' उन्हें ‘ कांख में दबाये ' सब्जी लाती महरी की याद आती है , साथ में ‘ कंधे पर कांवर रखकर ' पानी लाता दुक्खन , ‘ नए फैशन की साड़ी का सौदा करने घर के भीतर घुसी आ रही ' तांतिन , ‘ महावारी मजूरी पाने ' वाला दीनू सुनार , ‘ कान में पांख की कलम खोंसे … .