पुराकथा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- होमर के काव्य ' ओदीसी' में यह पुराकथा एक पुरुषवाची स्वर लिए हुए है क्योंकि पेनिलोपी अपने पति को पहचानने से इनकार कर देती है लेकिन उसका बेटा तेलेमाकुस अपनी माँ को राजी करता है.
- होमर के काव्य ' ओदीसी ' में यह पुराकथा एक पुरुषवाची स्वर लिए हुए है क्योंकि पेनिलोपी अपने पति को पहचानने से इनकार कर देती है लेकिन उसका बेटा तेलेमाकुस अपनी माँ को राजी करता है .
- ब्रह्मा धीरे धीरे हिंदू पुराकथा में इतना महत्वहीन हो जाते हैं कि जैसा मधु कैटभ की कथा से पता चलता है , वे अपनी ही सुरक्षा में असमर्थ सिद्ध होते हैं तथा विष्णु की कृपा की अपेक्षा करते हैं।
- ( 1983) को दिया जाना एक तरह की अपराध-बोध-जन्य क्षतिपूर्ति थी लेकिन राजा शिबि की पुराकथा से प्रेरित यह छोटी कविता वाक़ई मिथक के बेहतरीन इस्तेमाल, उसे समसामयिकता देने की सिफ़अत, त्रासद मर्मांतक नैतिकता तथा मितकथन का एक सबक़ है.
- ( 1983) को दिया जाना एक तरह की अपराध-बोध-जन्य क्षतिपूर्ति थी लेकिन राजा शिबि की पुराकथा से प्रेरित यह छोटी कविता वाक़ई मिथक के बेहतरीन इस्तेमाल, उसे समसामयिकता देने की सिफ़अत, त्रासद मर्मांतक नैतिकता तथा मितकथन का एक सबक़ है.
- कन्नड़ पुराकथा पुण्यकोटि जब मुझे पता चला कि सिद्धार्थ गौ शृंखला पर काम कर रहे हैं तो मुझे पुरानी गाथा ‘गोविना हाडु ' की याद आ गयी जो कर्नाटक के घरों में आज भी गायी, सुनी और सुनायी जाती है।
- करवा चौथ की कथा पारंपरिक पतिव्रता पत्नियों की चाहे जैसी भी छवि पेश करती रही हो , इस व्रत को करने वाली नई दौर की सौभाग्यवतियों ने न सिर्फ इस पुराकथा को बदला है बल्कि इस पर्व को मनाने के नए औचित्य भी गढ़े हैं।
- लेकिन पृथ्वी का उद्धार करते वराह अवतार के इस मूर्तिशिल्प में भले ही पश्चिमी मूर्ति शिल्प जैसी ‘ डिलिनिएशन ' नहीं थी , पर उसका ओज और भारतीय पुराकथा को कला का जामा पहनाने में शिल्पकार की उपज और सूझ ने मुझे चमत्कृत कर दिया था।
- पुराकथा के अतिरिक्त सामाजिक सन्दर्भों से जुड़ी ऐसी छोटी-छोटी कहानियों का भी बहुत पुराने जमाने से ही हमारे यहाँ चलन रहा होगा , जिनमें मिथकों के महिमामण्डित अलौकिक विश्व के स्थान पर रोजमर्रा का जीवन है , हमारे घर-द्वार की कथा है या हमारे बीच के किसी व्यक्ति की आप-बीती है।
- उनकी इमेजरी मिथकों सरीखी ही है -अवतार फिल्म एक पुराकथा की आधुनिक परिणति लगती है -दरअसल विज्ञान कथाएं समकालीन मिथक ही हैं ! और जब प्रौद्योगिकी का संयोग हो उठता है तो वे हकीकत बन उठती हैं ! यह कहना समीचीन नहीं कि कुछ विज्ञान कथाओं के वर्णित सत्य कभी भी हकीकत नहीं बन सकते … कौन जाने …… ?