पूय का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मध्य कर्ण में उत्पन्न पूय को निकलने का रास्ता न मिलने के कारण वह कर्णपटह में विदार कर देती है।
- इसके विपरीत ज्वर का कम होना , नाड़ी कीगति साधारण होना, विद्रधि का बैठना तथा पूय निकलना रोगयुक्त होने का लक्षण हैं.
- पूय श्री भदरेशदास स्वामी के प्रवचनों को संगत ने बड़े प्रेम से सुना और बाप्स के सम्मानीय स्वामी के विचारों से अवगत हुए।
- कहते हैं , पीड़ा, दबाने से पीड़ा का बढ़ना, शोथ, 102रू से 104रू फा. तक ज्वर और कान से पूय का निकलते रहना हैं।
- मृत कोशिकाओं तथा पूय के हट जाने पर नष्ट हुई उपकला के स्थान पर धीरे धीरे कणिकामय ऊतक ( granular tissues) आने लगते हैं।
- इस लिये चातुर्मास में विशेष धर्मसाधना करो एसी प्रेरणा उपस्थित विशाल जन समुदाय को पूय विजय प्रभाकरसूरीश्वरजी म . स ा . ने मंगल प्रवचन में दी।
- दक्षिण-द्वार से प्रवेश करने वाले पापियों को वह तप्त लौहद्वार तथा पूय , शोणित एवं क्रूर पशुओं से पूर्ण वैतरणी नदी पार करने पर प्राप्त होते हैं।
- यह रोग सदा मध्य कर्ण की विद्रधि से उत्पन्न होता है , विशेषकर जब कर्णपटह में विदार होकर, या उसके छेदन से, पूय का निर्हरण पूर्ण नहीं होता।
- नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर छान लें , इस पानी से घाव को धोने से पूय ( मवाद ) के जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
- यह रोग सदा मध्य कर्ण की विद्रधि से उत्पन्न होता है , विशेषकर जब कर्णपटह में विदार होकर, या उसके छेदन से, पूय का निर्हरण पूर्ण नहीं होता।