पूर्णायु का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जिस प्रकार व्यक्ति बालकपन को पार किये बिना युवावस्था प्राप्त नहीं कर सकता , युवावस्था को पार किये बिना वृद्धावस्था प्राप्त नहीं कर सकता, ठीक उसी प्रकार परमेश्वर प्रदत्त पूर्णायु को पार किये बिना देहान्तर अथवा अन्य शरीर प्राप्त नहीं कर सकता ।
- जिस प्रकार व्यक्ति बालकपन को पार किये बिना युवावस्था प्राप्त नहीं कर सकता , युवावस्था को पार किये बिना वृद्धावस्था प्राप्त नहीं कर सकता , ठीक उसी प्रकार परमेश्वर प्रदत्त पूर्णायु को पार किये बिना देहान्तर अथवा अन्य शरीर प्राप्त नहीं कर सकता ।
- गजकेशरी योग से लेकर दरिद्र योग तक , दत् तक पुत्र योग से लेकर मातृत् यक् त योग तक , पूर्णायु या शताधिक आयुर्योग से लेकर अमितमायु योग तक , सर्पदंशयोग से दुर्मरण योग तक , महालक्ष् मी और सरस् वती योग से लेकर दरिद्र योग तक तथा सुरपति योग से लेकर भिक्षुक योग तक।
- गजकेशरी योग से लेकर दरिद्र योग तक , दत् तक पुत्र योग से लेकर मातृत् यक् त योग तक , पूर्णायु या शताधिक आयुर्योग से लेकर अमितमायु योग तक , सर्पदंशयोग से दुर्मरण योग तक , महालक्ष् मी और सरस् वती योग से लेकर दरिद्र योग तक तथा सुरपति योग से लेकर भिक्षुक योग तक।
- मनुष्य किसी राष्ट्र / जाति या सम्प्रदाय का हो , पुरूष हो या महिला सभी निम्न सुख चाहते है : - प्रचुरधन , निरोगी काया , पूर्णायु , पतिव्रता पत्नी , अनुकूल पति , कुल-तारक सन्तान , पुराने पापों का नाश ( पापों का बुरा फल भोगे बिना ) , पितरों की सद्गति , ऋण मुक्ति , शत्रु-पीडा न हो , ग्रह-पीडा न हो , समाज में प्रतिष्ठा , यश की प्राप्ति , ५ ० वर्ष से अधिक आयु होने पर सांसारिक विषयों से वैराग्य , मानव जीवन की सफलता , अगला जन्म उत्तम कुल में प्राप्त करना।
- मनुष्य किसी राष्ट्र / जाति या सम्प्रदाय का हो , पुरूष हो या महिला सभी निम्न सुख चाहते है : - प्रचुरधन , निरोगी काया , पूर्णायु , पतिव्रता पत्नी , अनुकूल पति , कुल-तारक सन्तान , पुराने पापों का नाश ( पापों का बुरा फल भोगे बिना ) , पितरों की सद्गति , ऋण मुक्ति , शत्रु-पीडा न हो , ग्रह-पीडा न हो , समाज में प्रतिष्ठा , यश की प्राप्ति , ५ ० वर्ष से अधिक आयु होने पर सांसारिक विषयों से वैराग्य , मानव जीवन की सफलता , अगला जन्म उत्तम कुल में प्राप्त करना।