प्रतीत होना का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मज्जा के क्षीण होने से अस्थिसौषय अर्थात् हड्डी में पोल का प्रतीत होना , बड़ी पीड़ा , दुर्बलता , चक्कर आना , प्रकाश में भी अँधेरे का अनुभव होना , इसके ये ही लक्षण होते हैं ।।
- नींद से सम्बंधित लक्षण : नींद में चौंककर जागना और नींद में ही ऐसा प्रतीत होना जैसे कि वह काफी ऊंचाई से नीचे फेंक दिया गया हो आदि लक्षणों में डिजिटैलिस औषधि का उपयोग किया जाता है।
- दिवाली विषय केंद्र में होना चाहिये , यानि दिवाली शब्द भले ही दोहे में न आये , परंतु दोहा पढ़ कर प्रतीत होना चाहिये कि बात दिवाली की हो रही है - भाव - कथ्य आप की रुचि अनुसार
- यह तो भारत में सदैव मान्य रहा है कि एक ही विषय पर अनंत दृष्टिकोण संभव हैं , जिस कारण विरोधाभास प्रतीत होना आवश्यक है...इसी लिए मानव समाज हमेशा किसी भी छोटे से छोटे विषय पर भी तीन भाग में बंट जाता है:
- शरीर के बाहरी के अंगों के विभिन्न लक्षण : शरीर के बाहरी अंग कमजोर होना , शरीर का लड़खड़ाना , चलते समय ऐसा प्रतीत होना कि जैसे खाली स्थान पर पैर रख रहा हो तथा कमजोरी आदि होने पर डियुबांयसिया औषधि का उपयोग लाभकारी होता है।
- बाद जांच पंचायतनामा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात अभियुक्तों द्वारा मृतक की हत्या कर शव को छिपाने के उद्धेष्य से लाष को खाई के नीचे गिराना प्रथम दृष्टया प्रतीत होना पाया गया और थाने पर अज्ञात में मु0अ0सं0 193 / 04 धारा 302 भादसं0 का मुकदमा पंजीकृत किया गया तथा विवेचना उपनिरीक्षक जवाहर लाल को सौंपी गई।
- भगवान भास्कर द्वारा श्यामल-उज्ज्वल मेघों के लिहाफ को नख से शिख तक ओढ़ लेना , भरी दुपहरी का घटाटोप अंधेरे के आभास के कारण तिमिरमय रात्रि जैसा प्रतीत होना, इस तिमिर के बीच चपला की चमक से सम्पूर्ण धरा का चौंधिया जाना और उसके बाद मेघों के गगनभेदी गर्जन से उसका काँप जाना ही तो पावस का अपूर्व सौन्दर्य है!
- चालू करना छोटि गाड़ी उड़ाना आरम्भ करना प्रवहमान वस्तु प्रवहमान वस्तु तैरने वाला पदार्थ जहाज़ से भेजना तैरना मँडराना प्रचलित करना प्रवाहित करना मस्तिष्क के सामने घूमना बटरफ्लाई तैराकी पानी में डालना चालू करना घूमता प्रतीत होना पहियों पर बना मंच धारा के साथ बहना प्रवहमान रहना प्रचलित करना तैरकर पार करना चकराना कार्यरत्त करना फैलाना प्रचलित होना झाँकी कार्यरत्त करना
- भगवान भास्कर द्वारा श्यामल-उज्ज्वल मेघों के लिहाफ को नख से शिख तक ओढ़ लेना , भरी दुपहरी का घटाटोप अंधेरे के आभास के कारण तिमिरमय रात्रि जैसा प्रतीत होना , इस तिमिर के बीच चपला की चमक से सम्पूर्ण धरा का चौंधिया जाना और उसके बाद मेघों के गगनभेदी गर्जन से उसका काँप जाना ही तो पावस का अपूर्व सौन्दर्य है !
- सिर में खून का बहाव तेज हो जाने के कारण रोगी को आंखों से कुछ भी नज़र नहीं आना , दिमाग का सिकुड़ता हुआ सा प्रतीत होना , माथे की त्वचा का सिकुड़ जाना , आंखों में जलन सी महसूस होना , पास की चीज का साफ दिखाई न देना जैसे लक्षणों में रोगी को ग्रैशियोला औषधि देने से लाभ मिलता है।