फरीक का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- |चार लाइन वकील के लिए लिख दूंगी = नक़ल कहाँ पे मिलती है , तलवाने कौन लेता है मन चाही पेशियों के पैसे कौन लेता है तामील कहाँ पे दबती है ,फ़ाइल कहाँ पे रुकती है गर आपका फरीक बातें ये सब जान गया समझो फरीक आप के हाथ से गया मैने चुनावी वादा किया ,अच्छा भेज देते हैं साथ ही शराबी फिल्म की अमिताभी स्टाइल में कहा “”
- |चार लाइन वकील के लिए लिख दूंगी = नक़ल कहाँ पे मिलती है , तलवाने कौन लेता है मन चाही पेशियों के पैसे कौन लेता है तामील कहाँ पे दबती है ,फ़ाइल कहाँ पे रुकती है गर आपका फरीक बातें ये सब जान गया समझो फरीक आप के हाथ से गया मैने चुनावी वादा किया ,अच्छा भेज देते हैं साथ ही शराबी फिल्म की अमिताभी स्टाइल में कहा “”
- |चार लाइन वकील के लिए लिख दूंगी = नक़ल कहाँ पे मिलती है , तलवाने कौन लेता है मन चाही पेशियों के पैसे कौन लेता है तामील कहाँ पे दबती है ,फ़ाइल कहाँ पे रुकती है गर आपका फरीक बातें ये सब जान गया समझो फरीक आप के हाथ से गया मैने चुनावी वादा किया ,अच्छा भेज देते हैं साथ ही शराबी फिल्म की अमिताभी स्टाइल में कहा “”
- |चार लाइन वकील के लिए लिख दूंगी = नक़ल कहाँ पे मिलती है , तलवाने कौन लेता है मन चाही पेशियों के पैसे कौन लेता है तामील कहाँ पे दबती है ,फ़ाइल कहाँ पे रुकती है गर आपका फरीक बातें ये सब जान गया समझो फरीक आप के हाथ से गया मैने चुनावी वादा किया ,अच्छा भेज देते हैं साथ ही शराबी फिल्म की अमिताभी स्टाइल में कहा “”
- 4- जंग से पहले जंग के ऐलान का हुक्म कुरआन मे फरमाया गया हैं कि , “अगर तुम्हे किसी कौम से ख्यानत (यानी अहद तोड़ने) का खतरा हो तो उसका अहद खुल्लमखुल्ला उसके मुंह पर मार दो।” (8:58) इस आयत में इस बात से मना कर दिया गया हैं कि जंग के ऐलान के बगैर दुश्मन के ‘खिलाफ जंग छोड़ दी जाये, सिवाय इसके कि दूसरे फरीक ने आक्रामक कार्यवाइयां शुरू कर दी हो।
- जब कोई वाद कारण गैर फरीक मुकदमा श्री विनोद कुमार व श्री सुषील कुमार के विरूद्ध ना तो अभिकथित किया गया है और ना ही उनके विरूद्ध कोई अनुतोष ही चाहा गया है तो उनको किसी भी दषा में आवष्यक पक्षकार होना नहीं माना जा सकता और ना ही न्यायालय का कोई ऐसा निष्कर्ष आया है कि गैर फरीक मुकदमा द्वारा अपीलार्थी-वादी को बयनामा होने के बाद बेदखल करने का प्रयास किया गया हो अथवा किया जा रहा हो और उत्तरदाता-प्रतिवादी सं01 व 2 द्वारा अपनी धमकी वापस ली गई हो।
- जब कोई वाद कारण गैर फरीक मुकदमा श्री विनोद कुमार व श्री सुषील कुमार के विरूद्ध ना तो अभिकथित किया गया है और ना ही उनके विरूद्ध कोई अनुतोष ही चाहा गया है तो उनको किसी भी दषा में आवष्यक पक्षकार होना नहीं माना जा सकता और ना ही न्यायालय का कोई ऐसा निष्कर्ष आया है कि गैर फरीक मुकदमा द्वारा अपीलार्थी-वादी को बयनामा होने के बाद बेदखल करने का प्रयास किया गया हो अथवा किया जा रहा हो और उत्तरदाता-प्रतिवादी सं01 व 2 द्वारा अपनी धमकी वापस ली गई हो।