भुव का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मंत्र-ॐ भू : भुव : स्वः मह : जन : तप : सत्यम नारायणाय स्वाहा
- मंत्र-ॐ भू : भुव : स्वः मह : जन : तप : सत्यम नारायणाय स्वाहा
- इससे आगे बढक़र उसके तीन विभाग होते हैं- भू : भुव : स्व : ।
- इससे आगे बढक़र उसके तीन विभाग होते हैं- भू : भुव : स्व : ।
- रच्छा बालक की करौ , ह्नै कृपाल जगदीस आपुन काँधौं युद्ध नहिं, धानुष दियो भुव डारि।
- ' अं', 'उ' और 'म' ये तीन अक्षर हैं उन्हें और भू:, भुव: और स्व: इन
- भुव : ( होने की ) आशा ( संकल्प शक्ति -चेतन ) का विकास हुआ।
- गायत्री में तीन व्याहृतियाँ ( भू : भुव : स्व : ) और एक प्रणव है।
- गायत्री में तीन व्याहृतियाँ ( भू : भुव : स्व : ) और एक प्रणव है।
- भुव : अंतरिक्षलोक , यजुर्वेद , वायु देवता , प्राणात्मक जगत् और स्वप्नावस्था का सूचक है।