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मुस्तहकम का अर्थ

मुस्तहकम अंग्रेज़ी में मतलब

उदाहरण वाक्य

  1. जो अल्लाह के रास्ते में लड़ रहे हैं उनका क्या होगा ? गरीबों और जरूरतमंदों का जो खासी तादाद दुनिया भर में है उन्हें सहारा देने के लिए लिए सिर्फ ÷ जकात ' का ही मुस्तहकम निजाम है।
  2. एक मज़बूत हाकिम के ज़ेरे साया हालात साज़गार हो गये और लाहात ने ग़लबा और बुज़ुर्गी के पहलू में जगह दिलवा दी और एक मुस्तहकम मुल्क की बुलंदियों पर दुनिया और दीन की सआदतें उन की तरफ झुक गयीं . ..."।[15]
  3. सर बलन्द व मुस्तहकम महलों में हमेशा हमेशा के लिये ठहरेंगे जिस जगह ऐश व इशरत के लिये हूरें मिलेंगी , खि़दमत के लिये नौकर मौजूद होंगे , ‘ ाीशा व ख़म गर्दिश में होंगे मुक़द्दस मन्ज़िलों में मुक़ीम होंगे।
  4. सारी तारीफ़ उस ख़ुदा के लिये हैं जिसने इस्लाम का क़ानून मुअय्यन किया तो उसके हर घाट को वारिद होने वाले के लिये आसान बना दिया और उसके अरकान को हर मुक़ाबला करने वाले के मुक़ाबले में मुस्तहकम बना दिया।
  5. क्या तुमने उन लोगों को नहीं देखा जो दूर दराज़ उम्मीदें रखते थे और मुस्तहकम मकानात बनाते थे और बेतहाषा माल जमा करते थे के किसी तरह उनके घर क़ब्रों में तब्दील हो गए और सब किया धरा तबाह हो गया।
  6. फ़रज़न्द ! मैं तुमको ख़ौफ़े ख़ुदा और उसके एहकाम की पाबन्दी की वसीयत करता हूँ , अपने दिल को उसकी याद से आबाद रखना और उसकी रीसमाने हिदायत से वाबस्ता रहना के उससे ज़्यादा मुस्तहकम कोई रिश्ता तुम्हारे और ख़ुदा के दरम्यान नहीं है।
  7. इसका मुतहम्मल सिर्फ़ वह बन्दए मोमिन कर सकता है जिसके दिल का इम्तेहान ईमान के लिये लिया जा चुका हो , हमारी बातें सिर्फ़ उन्हीं सीनों में रह सकती हैं जो अमानतदार हों और उन्हीं अक़्लों में समा सकती हैं जो ठोस और मुस्तहकम हों।
  8. वैसे तो बड़ा प्यार जताता था लेकिन आज उसने अपना कमीनापन दिखा ही दिया।” मशकूर अली ने मुस्तहकम इरादा कर दिया कि फ़सादियों के अंदर घुसते ही वो गोली चला देंगे चाहे उनमें रतनलाल ही क्यों नो हो , जब उसको दोस्ती का एहसास नहीं है तो मैं क्यों हिचकिचाऊं।
  9. आपको मसाएब से निजात दिला दी और निहायत एहतेराम से अपनी बारगाह में तलब कर लिया और उम्मत में वैसा ही इन्तेज़ाम कर दिया जैसा के दीगर अम्बिया ने किया था के उन्होंने भी क़ौम को लावारिस नहीं छोड़ा था जिसके लिये कोई वाज़ेए रास्ता और मुस्तहकम निषान न हो।
  10. वह हज़रत बेहतरीन अहद मगर कुफ्र व बेअमली के दौर में मन्सबे नबूवत पर मुतमक्कन हुए बन्दों पर रहम करते हुए मिन्नत व करम में मज़ीद तरक़्क़ी देते हुए क़ुदरत ने कुल कमी पूरी कर दी यानी मोहम्मद ( स 0 ) पर नबूवत ख़त्म करके हुज्जत मुस्तहकम कर दी।
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