मूँड़ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मूँड़ मुड़ाये - कबीर भेष देख मत भूलिये , बूझि लीजिये ज्ञान बिना कसौटी होत नहीं , कंचन की पहिचान -०- न्हाये धोये क्या हुआ , जो मन मैल न जाय मीन सदा जल में रहै , धोये बास न जाय -०- मूँड़ मुड़ाये हरि मिले , सब कोई लेय मुड़ाय बार-बार के मुड़ते , भेड़ न बैकुण्ठ जाय -०-
- मूँड़ मुड़ाये - कबीर भेष देख मत भूलिये , बूझि लीजिये ज्ञान बिना कसौटी होत नहीं , कंचन की पहिचान -०- न्हाये धोये क्या हुआ , जो मन मैल न जाय मीन सदा जल में रहै , धोये बास न जाय -०- मूँड़ मुड़ाये हरि मिले , सब कोई लेय मुड़ाय बार-बार के मुड़ते , भेड़ न बैकुण्ठ जाय -०-