मृषा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मृषा न होइदेव ऋषि वाणी सिद्धांत के अनुसार केरल के कालिटीग्राम में नंबूदरीब्राह्मणों में आज भी शवदाह घर के सामने ही किया जाता है।
- हंसकर बोला राधेय , ” शल्य , पार्थ की भीति उसको होगी , क्षयमान् , क्षनिक , भंगुर शरीर पर मृषा प्रीति जिसको होगी .
- मुझ को दीख गया : सूने विराट् के सम्मुखहर आलोक-छुआ अपनापनहै उन्मोचननश्वरता के दाग से! अच्छा खंडित सत्य 'अज्ञेय' अच्छाखंडित सत्यसुघर नीरन्ध्र मृषा से,अच्छापीड़ित प्यार सहिष्णुअकम्पित निर्ममता से।
- ईश्वरीय जग भिन्न नहीं है इस गोचर जगती से; इसी अपावन में अदृश्य वह पावन सना हुआ है माया कह क्यॉ मृषा मेटते हो अस्तित्व प्रकृति का ?
- कहें आप संकोच छोड़ कर , जो कुछ भी कहना हो, गणित मृषा हो भले, आपको मिथ्या कौन कहेगा? विश्वमना वरुण करें कल्याण! देव! तब सुनें, सत्य कहता हूँ.
- रही मूक की मूक , किंतु, अम्बर पर चढ़े हृदय ने कहा, ‘गूढ़ द्रष्टा महर्षि ,तुम मृषा नहीं कहते हो; परम सत्य की स्मिति उदार, मैं देवी, मैं नारी हूँ.
- मृषा कहूँ तो क्यॉ अब तक आदर पाता आया हूँ ? मुझ विमूढ़ को अत: देव मौन ही आज रहने दें; क्यॉकि दीखता है जो कुछ, उसका आधार नहीं है.
- किये का जब उपस्थित फल हुआ है , ग्रसित अभिशाप से सम्बल हुआ है , चला है खोजने तू धर्म रण में , मृषा किल्विष बताने अन्य जन में .
- किये का जब उपस्थित फल हुआ है , ग्रसित अभिशाप से सम्बल हुआ है , चला है खोजने तू धर्म रण में , मृषा किल्विष बताने अन्य जन में .
- माया कह क्यॉ मृषा मेटते हो अस्तित्व प्रकृति का ? ये नदियाँ , ये फूल , वृक्ष ये और स्वयं हम-तुम भी शून्य मंच पर सत्वशील , जीवित , साकार खड़े हैं .