यज्ञ मण्डप का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- शोभायुक्त यज्ञ मण्डप अत्यन्त आकर्षक था जिसे देख कर राम ने कहा , “हे गुरुदेव! इस यज्ञशाला की छटा मेरे मन को मोह रही है और विद्वान ब्राह्मणों के आनन्द दायक मन्त्रोच्चार को सुन कर मैं पुलकित हो रहा हूँ।
- सभी के एकत्रि हो जाने पर महाराज दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ जी तथा महाराज के परम मित्र अंग देश के अधिपति लोभपाद के जामाता ऋंग ऋषि के साथ यज्ञ मण्डप में पधारे और विधिवत इस महान यज्ञ का शुभारम्भ हुआ।
- आकर्षक शोभायुक्त यज्ञ मण्डप को देख कर राम ने कहा , ” हे गुरुदेव ! इस यज्ञशाला की छटा मेरे मन को मोह रही है और विद्वान ब्राह्मणों के आनन्द दायक मन्त्रोच्चार को सुन कर मेरा मन पुलकित हो रहा है।
- विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष घनश्याम गौतम ने बताया कि संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान , नवीन विभाग निर्माण , जन्तर-मन्तर , वेधशाला , मंत्र प्रतिष्ठद्दान , वैदिक यज्ञ मण्डप , श्रोत यज्ञ मण्डप , वनस्पति वाटिका , ऑडीटोरियम एवं स्पोर्स्टस कॉ प्लेक्स इत्यादी के लिए निर्धारित भूमि को शुक्रवार को सरकार ने पत्रकारिता विश्व-विद्यालय के लिए दे दिया है , जिससे विश्वविद्यालय के छात्र व कर्मचारी सहन नहीं करेंगे।
- विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष घनश्याम गौतम ने बताया कि संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान , नवीन विभाग निर्माण , जन्तर-मन्तर , वेधशाला , मंत्र प्रतिष्ठद्दान , वैदिक यज्ञ मण्डप , श्रोत यज्ञ मण्डप , वनस्पति वाटिका , ऑडीटोरियम एवं स्पोर्स्टस कॉ प्लेक्स इत्यादी के लिए निर्धारित भूमि को शुक्रवार को सरकार ने पत्रकारिता विश्व-विद्यालय के लिए दे दिया है , जिससे विश्वविद्यालय के छात्र व कर्मचारी सहन नहीं करेंगे।
- इनका फल तो नष्ट हो जाने वाला तथा ये जन्म , जरा और मृत्यु के भी कारण हैं , यह सब करने पर भी मेरी जो वर्तमान दशा है इसे देख लो , ” बकरे के इस अत्यन्त कौतूहल जनक वचन को सुनकर यज्ञ मण्डप में रहने वाले सभी लोग बहुत ही विस्मित हुए , तब वे यजमान ब्राह्मण हाथ जोड़ अपलक नेत्रों से देखते हुए बकरे को प्रणाम करके आदर के साथ पूछने लगे।
- ब्राह्मण ने मुस्कराकर कहाः- ' चलो , वहाँ यज्ञ मण्डप में तुम्हारे पिता मौजूद हैं , ' तब सिद्धसमाधि ने राजकुमार के साथ वहाँ जाकर जल अभिमन्त्रित किया और उसे शव के मस्तक पर रखा , उसके रखते ही राजा सचेत होकर उठ बैठे फिर उन्होंने ब्राह्मण को देखकर पूछाः ' धर्मस्वरूप ! आप कौन हैं ? ' तब राजकुमार ने महाराज से पहले का सारा हाल कह सुनाया , राजा ने अपने को पुनः जीवनदान देने वाले ब्राह्मण को नमस्कार किया।