रसरी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ' हे झारेखुआ मेरी पिठांह से ई रसरी तो खोल और ई रजाई-गद्दा तो उतार ! '
- “ रसरी आवत जात से सिल पर परत निसा न . .. ” सिद्ध जो करना है .
- अभ्यास करत करत अभ्यास के , जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात ते , सिल पर परत निसान
- करत करत अभ्यास के जड़ मति होत सुजान , रसरी आवत जात के सिल पर पडत निशाँ न ।
- करत करत अभ्यास के जड़ मति होत सुजान , रसरी आवत जात के सिल पर पडत निशाँ न ।
- करत-करत अभ्यास के जड़ मति होत सुजान , रसरी आवत जात है , सिल पर पड़त निशा न. ..
- करत-करत अभ्यास के जड़ मति होत सुजान , रसरी आवत जात है , सिल पर पड़त निशा न. ..
- कबीर का यह पद देखिए- करत करत अभ्यास से जड़मत होत सुजान रसरी आवत जात से शिलपर पड़त निशान .
- किन्तु कभी कभी सोचता हूँ कि “ रसरी आवत जात ते सिल पर परत निशान ” इसलिये लिख देता हूँ .
- रसरी आवत जात है सिल पर परत निसान॥ अर्थात् अभ्यास करते- करते एकदम जड़मति भी सविज्ञ - सुजान हो जाते हैं।