रूप होना का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- 4 - डा 0 अम्बेडकर उपरोक्त विषयों पर पाश्चात्य सिध्दान्तों के ढह जाने का कारण अनुमानों पर टिका होना , वैज्ञानिक अनुसंधान का विकृत रूप होना , और पूर्वकल्पित होना मानते हैं।
- तो क्या स्त्री पात्र पुरुष लेखन में ऐसे ही उभरते रहने चहिये ? क्या यह ही स्त्री का रूप होना चाहिये ? क्या पुरुष ऐसे ही स्त्री को निरंतर देखना चहता है ?
- कारण होता था -ह्यूमेन एग का धीरे धीरे ठंडा करके रखने की प्रक्रिया में विनाशक आइस -क्रिस्टल्स में तब्दील हो जाना . कारण है -एग के बहुलांश का जल सदृश्य तरल रूप होना .
- इस आस्तै जि ' यां सी.एस. लीयूस तर्क करदा ऐ- यीशु गी सिर्फ एक अध्यात्मक गुरु दे रूप च मन्नना गै हल नेईं ऐ उ'न्न सिद्धे ते साफ शब्दे च ईश्वर दा रूप होना स्वीकार कीते
- {verb}मंज़ूर करना · मिलना · एक होना · एक मत होना · एक ताल होना · स्वीकृति देना · सदृश होना · समान होना · एक रूप होना · मेल मिलाप से रहना · लाभदायक होना · गुणकारी होना
- तो फिर पूर्व जन्म के खराब फल बीच में कहाँ से आ गए ? और इस वर्तमान जन्म में इन बच्चियों ने कौन से बुरे कर्म कर लिए ? बच्चे तो स्वयं भगवान के रूप होना बताए जाते है ।
- हिंदी ब्लॉगिंग क्या रूप अख्तियार कर रही है और उसका क्या रूप होना चाहिए पर बहस पुरजोर तरीके से हुई है , सराय द्वारा प्रायोजित नीलिमा चौहान और गौरी पालीवाल की हिंदी चिट्ठाकारिता पर की गई रिसर्च भी इसी क्रम में काबिले गौर है।
- तो फिर जैसे ‘ सप्तशती ' शब्द स्त्रीलिंग हो गया हैं वैसे ही ‘ अकारान्तोत्तारपदो द्विगु : स्त्रियामिष्ट : ' इस महाभाष्यकार महर्षि पतंजलि जी के अथवा महर्षि कात्यायन के वचनानुसार ‘ त्रिखर्व ' पद का ‘ त्रिखर्वी ' ऐसा स्त्रीलिंग रूप होना चाहिए।
- आदरणीय पुनीता जी , सादर ! बहुत सुन्दर रचना ! मन को झकझोरते हुए प्रश्न ! “ ” स्त्री पुरुष दोनों का है महत्व समान , क्यों होता है आज भी नारी का अपमान ? ” ” ” यद्यपि की परिस्थितियाँ बदल रही हैं , पर इस बदलाव का जो सार्थक और सही रूप होना चाहिए था , वह न होकर एक अलग दिशा में ही बढ़ता जा रहा है ! फिर भी आशावान रहना चाहिए !
- रूप होना चाहिये , आकार होना चाहिये| हर अना, हर सोच का, आधार होना चाहिये|१| रंग-मस्ती-रोशनी, इसमें भला क्या कुछ नहीं| ज़िंदगी का नाम तो त्यौहार होना चाहिये|२| गर तना कमज़ोर हो तो, बढ़ नहीं पाता दरख़्त| फ़लसफ़ा तालीम का, दमदार होना चाहिये|३| भीड़ में शामिल रहे, पर भीड़ से हट कर दिखे| शख़्सियत का रंग, दर्ज़ेदार होना चाहिये|४| चेतना-संवेदना 'शापित-अहिल्या' बन गयीं| फिर से कोई 'राम' सा अवतार होना चाहिये|५| और कितनी मर्तबा इस बात को दोहराऊँ मैं| इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिये|६|