लटपटा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अपने दूसरे ब्याह की तीव्र इच्छा की शहादत को यों व्यर्थ में जाते देख मिसिर लटपटा गये पर अब क्या होता , सो लगे ब्याह की तैयारी करने और महीने भर बाद घर की नाजुक हालत, बिना घरनी के, समझते हुए कन्यापक्ष ने ब्याह और गौना तुरंत फुरत कर दिया और खुसरूपुर की फुलवरिया, रामावतार मिसिर की नयी ब्याही बन फूलपुर आ गयीं।
- तो हमारे साथ यह संयोग रहा कि किसी से इतना नहीं लटपटा पाये कभी कि किसी का चेहरा हमारी नींद में खलल डाल पाये या किसी की आंख का आंसू हमें परेशान करे तथा हम कहने के लिये मजबूर हों : - सुनो , अब जब भी कहीं कोई झील डबडबाती है मुझे, तुम्हारी आंख मे ठिठके हुये बेचैन समंदर की याद आती है.
- तो हमारे साथ यह संयोग रहा कि किसी से इतना नहीं लटपटा पाये कभी कि किसी का चेहरा हमारी नींद में खलल डाल पाये या किसी की आंख का आंसू हमें परेशान करे तथा हम कहने के लिये मजबूर हों : - सुनो , अब जब भी कहीं कोई झील डबडबाती है मुझे, तुम्हारी आंख मे ठिठके हुये बेचैन समंदर की याद आती है.
- तो हमारे साथ यह संयोग रहा कि किसी से इतना नहीं लटपटा पाये कभी कि किसी का चेहरा हमारी नींद में खलल डाल पाये या किसी की आंख का आंसू हमें परेशान करे तथा हम कहने के लिये मजबूर हों : सुनो , अब जब भी कहीं कोई झील डबडबाती है मुझे, तुम्हारी आंख मे ठिठके हुये बेचैन समंदर की याद आती है ।
- तो हमारे साथ यह संयोग रहा कि किसी से इतना नहीं लटपटा पाये कभी कि किसी का चेहरा हमारी नींद में खलल डाल पाये या किसी की आंख का आंसू हमें परेशान करे तथा हम कहने के लिये मजबूर हों : सुनो , अब जब भी कहीं कोई झील डबडबाती है मुझे , तुम्हारी आंख मे ठिठके हुये बेचैन समंदर की याद आती है ।
- सुबह डैशबोर्ड में चार नईपोस्ट , शाम होते होते चौदह ! पता नहींकहां-कहाँ से इसमें कोई संशय नहीं अक्सर सब कुछ वैसा ही तो नहीं होता की समा जाए हमारी अपेक्षा के आकार में अक्सर एक अदृश्य सर्प लटपटा जाता है कर्मक्षेत्र की देहरी पर संशय की फुंफकार से छुड़ा देना चाहता हो जैसे हमारा आगे बढना अनमनेपन में हा ! आफरी न. .. कैसे कैसे दुष्कृत्य कर जाते हैं हम ....
- सबसे बुरे दिन नहीं थे वे जब घर के नाम पर चौकी थी एक छह बाई चार की बमुश्किलन समा पाते थे जिसमे दो जि + स्म लेकिन मन चातक सा उड़ता रहता था अबाध ! बुरे नहीं वे दिन भी जब ज़रूरतों ने कर दिया था इतना मजबूर कि लटपटा जाती थी जबान बार बार और वे भी नहीं जब दोस्तों की चाय में दूध की जगह मिलानी होती थी मज + बूरियां .