विराट् पुरुष का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ईश्वर ने ब्रह्माण्ड बनाया और वे सब देवता आकर उसमें सिथत हो गए , तब भी ब्रह्माण्ड में चेतना नहीं आयी और वह विराट् पुरुष उठा नहीं , किन्तु जब चित्त के देवता क्षेत्राज्ञ ने चित्त के सहित हृदय में प्रवेश किया तो विराट् पुरुष तुरन्तर उठकर खड़ा हो गया।