शतपथ ब्राह्मण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- याज्ञवल्क्य का दूसरा महत्वपूर्ण कार्य शतपथ ब्राह्मण की रचना है।
- ( शतपथ ब्राह्मण , 7. 3. 12 और 15) ।
- याज्ञवल्क्य का दूसरा महत्वपूर्ण कार्य शतपथ ब्राह्मण की रचना है।
- इस मत को मानने वाले शतपथ ब्राह्मण [ 275] पर निर्भर हैं।
- शतपथ ब्राह्मण ( 13।5।4) में भी ऐसी दानपरक गाथाएँ सुरक्षित हैं।
- इसका उल्लेख अथर्ववेद तथा शतपथ ब्राह्मण में भी मिलता है।
- इस मत के समर्थक अपने पक्ष में शतपथ ब्राह्मण का
- शतपथ ब्राह्मण यजुर्वेद का ब्राह्मणग्रन्थ है।
- शतपथ ब्राह्मण में कहा गया है ‘‘ सविता वा देवानां प्रसविता।
- ७ . शतपथ ब्राह्मण के अनुसार वेदों में कुल ८ .