शब्द प्रमाण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- * जहाँ तक शब्द प्रमाण की बात है तो वह तो एक प्रकार से प्रत्यक्ष प्रमाण ही है।
- वैशेषिक और बौद्ध नैयायिक उपमान को अलग प्रमाण नहीं मानते , प्रत्यक्ष और शब्द प्रमाण के ही अंतर्गत मानते हैं।
- उस विषय में उस व्यक्ति का उपदेश अर्थात् उस विषय का बोधक वाक्य ‘ शब्द प्रमाण ' होता है।
- आप्त वाक्य का प्रतिपाद्य अर्थ इस लोक व्यवहार में प्रत्यक्षादि से परिज्ञात होता है , वह दृष्टार्थक शब्द प्रमाण है।
- जिस आप्त वाक्य का प्रतिपाद्य लोक-व्यवहार में प्रमाणान्तर से नहीं समझा जा सकता है , वह अदृष्टार्थक शब्द प्रमाण है।
- प्रत्यक्ष और अनुमान से जिन वाक्यों का ज्ञान नहीं होता ये शब्द प्रमाण से जाने जाते हैं , जैसे पुनर्जन्म आदि।
- शब्द प्रमाण की प्रवृत्ति में प्रत्यक्ष व् अनुमान यथाप्रसंग अपेक्षित रहते हैं , अतः अंत में शब्द का उल्लेख आता है।
- यद्यपि शाब्दबोध के अव्यवहित पूर्वक्षण में उस वाक्य के विद्यमान नहीं रहने से वह शब्द प्रमाण नहीं हो सकता है।
- सभी हिंदू धार्मिक ग्रन्थ अपनी बातों को प्रमाणित करने के लिये शब्द प्रमाण के अन्तर्गत वेदों को सर्वोपरि स्थान देते हैं .
- आस्तिक दर्शनों को लीजिए - सभी मान्य आस्तिक धर्म-शास्त्र शब्द प्रमाण के रूप में सर्वोपरि वेद को निर्बाध स्वीकार करते हैं।