सकली का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- लेकिन ये दोनों वही साहब हैं जिनकी संवेदना पर मुजफ्फरपुर के मंडई गांव में सकली देवी के साथ बर्बर बलात्कार और उसकी हत्या से कोई फर्क नहीं पड़ा और पटना के सामूहिक बलात्कार एक एमएमएस कांड से लेकर सहरसा तक के दर्जनों वीभत्स और बर्बर बलात्कार के मामलों पर कभी शर्म नहीं आई !
- तै बखत का बीच में संध्या जो झुलनें , सुरजकुंड में, बरमकुंड में, जोशीमठ-ऊखीमठ में, तुंगनाथ, पंच केदार, पंच बद्री में, जटाधारी गंग में, गंगा-गोदावरी में, गंगा-भागीरथी में, छड़ोंजा का ऎड़ी में, झरु झांकर में, जां मामू सकली सैम राजा रुनी, डफौट का हरु में, जां औन हरु हरपट्ट है जां, जान्हरु छरपट्ट है जां.......।
- इसके बावजूद मध्यवर्गीय और सामाजिक सत्ताधारी तबकों के साथ-साथ मीडिया का भी जमीर क्यों गहरी नींद में सोया रहा ? कोई मुझे एक भी वाजिब वजह बताए कि सकली देवी के साथ जो हुआ , वह बर्बरता के पैमाने पर दिल्ली की घटना से कहीं ज्यादा वीभत्स होने के बावजूद नजरअंदाज करने लायक था !
- बहरहाल , दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की बर्बरता ( वैसे बलात्कार अपने आप में क्या बर्बरता का पर्याय नहीं है ? ) के खिलाफ इस देश के सभ्य समाज और मीडिया ने राजपथ को क्रांतिपथ बना दिया , तो सकली देवी के साथ कहीं त्रासद पैमाने की बर्बरता ( अगर बर्बरता ही पैमाना है तो ...
- दुख जताने के लिए नरेंद्र मोदी के गुजरात के लिए भाड़े पर ब्रांड एंबेसडरी करने वाले अमिताभ बच्चन का भी धन्यवाद . ..! लेकिन जिस अपराधी के पकड़े जाने के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर का नाम आज मशहूर हो गया है, महज एक पखवाड़े पहले उसी जिले के एक गांव मंडई में तो सकली देवी के साथ भी इससे ज्यादा बड़ी वीभत्सता हुई!
- बहरहाल , दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की बर्बरता (वैसे बलात्कार अपने आप में क्या बर्बरता का पर्याय नहीं है?) के खिलाफ इस देश के सभ्य समाज और मीडिया ने राजपथ को क्रांतिपथ बना दिया, तो सकली देवी के साथ कहीं त्रासद पैमाने की बर्बरता (अगर बर्बरता ही पैमाना है तो...) और वीभत्सता से उस सभ्य समाज और मीडिया का दिल क्यों नहीं दहला?
- ) और वीभत्सता से उस सभ्य समाज और मीडिया का दिल क्यों नहीं दहला ? क्या इसलिए कि सकली देवी इन सबके लिए कहीं से भी “ अपनी ” नहीं थी ? अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मुजफ्फरपुर में जरूर एक सार्थक विरोध आंदोलन किया , पटना में भी धरना दिया और सकली देवी के परिवार को थोड़ी राहत दिला सकी।
- ) और वीभत्सता से उस सभ्य समाज और मीडिया का दिल क्यों नहीं दहला ? क्या इसलिए कि सकली देवी इन सबके लिए कहीं से भी “ अपनी ” नहीं थी ? अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मुजफ्फरपुर में जरूर एक सार्थक विरोध आंदोलन किया , पटना में भी धरना दिया और सकली देवी के परिवार को थोड़ी राहत दिला सकी।
- उसी दिन सामूहिक बलात्कार के बाद जिंदा जला दी गई दस साल की या सामूहिक बलात्कार के बाद हाथ और गर्दन तोड़ कर मार डाली गई आठ साल की बच्ची के मामले लोगों के गुस्से में शामिल क्यों नहीं हो सके ? सकली देवी के साथ जो हुआ , बर्बरता की वह कौन-सी सीमा है , जिसे अपराधियों ने पार नहीं की ?
- उसी दिन सामूहिक बलात्कार के बाद जिंदा जला दी गई दस साल की या सामूहिक बलात्कार के बाद हाथ और गर्दन तोड़ कर मार डाली गई आठ साल की बच्ची के मामले लोगों के गुस्से में शामिल क्यों नहीं हो सके ? सकली देवी के साथ जो हुआ , बर्बरता की वह कौन-सी सीमा है , जिसे अपराधियों ने पार नहीं की ?