सम राशि का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- लग्न व चन्द्र विषम राशि के हों एवं मंगल सम राशि में होकर परस्पर दृष्ट या युत हो तो जातक नपुंसक होता है।
- इसके अतिरिक्त इन सभी वर्ग कुण्डलियों में ग्रहों को मूलत्रिकोण , स्वराशि, मित्रराशि, सम राशि व शत्रु राशि के आधार पर बल मिलता है.
- यह खेल ब्लैक्जैच्क पर सम राशि प्रदान करके हाउस एज में वृद्धि करता है और खिलाड़ी बराबरी करने का मौका खो देते हैं .
- इसी प्रकार बुध विषम राशि में हो और शनि सम राशि में होकर परस्पर दृष्ट या युत हों तो जातक नपुंसक होता है।
- मंगल विषम राशि में और सूर्य सम राशि में होकर परस्पर दृष्ट हो तो भी इस योग के बनने की संभावना रहती है।
- यदि सप्तम भाव में वृष राशि हो और शुक्र और चंद्र किसी सम राशि में हो , तो सुंदर स्त्री की प्राप्ति होती है।
- जैमिनी जी के अनुसार सूर्य विषम राशि में हो और चन्द्रमा सम राशि में हो और परस्पर दृष्ट हों तो नपुंसक योग बनता है।
- यदि ग्रह सम राशि में स्थित है तो गणना , जिस राशि में ग्रह स्थित है उससे चौथी राशि से अपसव्य(विपरीत) क्रम में आरम्भ होगी.
- पितृग्रह यदि विषम राशियों में हो तो पिता के लिये और मातृग्रह सम राशि में हो तो माता के लिये शुभ कारक होता है।
- सूर्य धन भाव व वाणी भाव का स्वामी लग्न में सम राशि में है वहीं बुध पराक्रमेश व व्ययेश होकर लग्न में है . ..