हमाली का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- - - आज के इस युग मे सब व्यस्त है , मजदूर हो या कुली , डाक्टर हो या वकील , व्यवसायी हो या नौकरीपेशा हर कोई व्यस्त है , मजदूर मजदूरी मे व्यस्त है , हमाल हमाली मे व्यस्त है , यहा तक तो समझ मे आता है।
- उल्टे पैरों वाली कीच्चिनफिर थक कर कोसती हैअपनी योनि अपना यौवनबैठ कर इनारों के काईदार मुंडेरों परखींचती है रात भर जल कलशजम्हाईयाँ लेती बासी बेमजा जिन्दगी परजो झल रही है चंवरवह बायमतकर रही हमाली रात दिनपाने को अपना सौभाग्यअपना आभरणमांग रही है सूनी गोद भरने कोबिलखते हुए भटकती हैसिसकती है सुबकती हैभूसों से भरी अटारियों परमलगुजी
- अक्सर देखने में यह आता है कि भोपाल में टीवी चैनलों की लम्बी चौड़ी दुकान खोल कर बैठे ब्यूरो चीफ को बैतूल जैसे कई जिलों में बेगार में काम करने वाले लोग मिल जाते है जिनका वे समय - समय पर उपयोग किसी न किसी खबर में उनका नाम देकर उनसे साल भर हमाली और दलाली करवाते रहते है।
- स्टेशन पर हमाली करने वाले के लिये भी फी फेरा दस बीस रूपये का इंतजाम था , लेकिन एक एम ए और एम एससी पास किसी मैडम श्यामा के लिये या दिन भर किसी ऑफिस में खतने वाली कॉन्वेन्ट से पढ क़र आई मिस मैरी के लिये सरकार ने किसी न्यूनतम वेतन की भी जरूरत नहीं समझी थी ।
- सब से निचले स्तर पर रहे गरीब मुस्लिम जो ज्यादातर रिक्शावाले , ठेले वाले फुटपाथ पर छोटे व्यापार करनेवाले या हमाली का करनेवाले मजदूर होते हे आज उन को गुजरात मे कोई परेशानी नहि हे … परेशानी सिर्फ कोंगरेश और उन के चहेते मिडिया एवम एनजीओ वाले को हे … क्योकि आजकल उन की कोई सुनता नहीं हे ..
- ऐसी वसूली के मुख्य तत्व कमीशन , दलाली, करदा, हमाली, ढुलाईतथा बख्शीश कटौती, बाजार फीस, एजेंटों की अपने प्रशिक्षणार्थियों के लिएकटौती, प्याऊ वाले तथा रसोईवाले आदि का भुगतान (करदा बेचने वाले द्वाराखरीदने वाले को वजन में नुकसान होने के कारण दी जाने वाली क्षतिपूर्ति) विपणन के बाद की अवस्था में लागत में खरीददार के अन्तिम स्थान तक पहुँचनेके बिन्दु तक यातायात व देखभाल के खर्चे शामिल हैं.
- इन सब ने चिठ्ठे पर टिप्पणी लिखने के साथ मुझे प्रत्यक्ष मेल लिखा , प्रतीक पांडे ने गूगल मेल पर बात की, मिले रत्ना जी जैसी बहन मिली, आप सब के इतने प्रेम से मैं गदगद हो गया हूँ, अब कॊई नाराजगी नहीं, कोई शिकवा नहीं, बस प्रेम ही प्रेम, हिन्दी चिठ्ठा जगत जिन्दाबाद सागर चन्द नाहर पुनश्चय: अनूप भाई साहब वो मेरी कविता ” हमाली बोछकी मिली या नहीं”?
- इन सब ने चिठ्ठे पर टिप्पणी लिखने के साथ मुझे प्रत्यक्ष मेल लिखा , प्रतीक पांडे ने गूगल मेल पर बात की, मिले रत्ना जी जैसी बहन मिली, आप सब के इतने प्रेम से मैं गदगद हो गया हूँ, अब कॊई नाराजगी नहीं, कोई शिकवा नहीं, बस प्रेम ही प्रेम, हिन्दी चिठ्ठा जगत जिन्दाबाद सागर चन्द नाहर पुनश्चय: अनूप भाई साहब वो मेरी कविता “ हमाली बोछकी मिली या नहीं”?
- भाई साह्ब , गुलज़ार साहब के बारे में लेख और कविताओं के लिये धन्यवाद, परन्तु यह वे कविता नहीं है यह तो बोस्की के विवाह के समय लिखी गई है,मैने जिस कविता संग्रह का जिक्र किया था उस का नाम था “ हमाली बोछकी” (Hamali Bochhaki)जब बोस्की तुतलाया करती थी, उन दिनो गुलज़ार साहब ने यह कविता बच्चों की तुतलायी भाषा में लिखी थी में उस संग्रह को ढूंढ रहा हुँ अगर मिल गया तो जरूर अपने चिठ्ठे पर सभी के लिये प्रकाशित करुंगा।
- भाई साह्ब , गुलज़ार साहब के बारे में लेख और कविताओं के लिये धन्यवाद, परन्तु यह वे कविता नहीं है यह तो बोस्की के विवाह के समय लिखी गई है,मैने जिस कविता संग्रह का जिक्र किया था उस का नाम था ” हमाली बोछकी” (Hamali Bochhaki)जब बोस्की तुतलाया करती थी, उन दिनो गुलज़ार साहब ने यह कविता बच्चों की तुतलायी भाषा में लिखी थी में उस संग्रह को ढूंढ रहा हुँ अगर मिल गया तो जरूर अपने चिठ्ठे पर सभी के लिये प्रकाशित करुंगा।