अल्टरनेरिया वाक्य
उच्चारण: [ aletreneriyaa ]
उदाहरण वाक्य
- रोहडू के बागवानी विभाग के विभागाध्यक्ष आगर दास का कहना है कि अत्यधिक बारिश से अधिकतर सेब उत्पादक क्षेत्रों में मारसोनिन लीफ ब्लाच इ और अल्टरनेरिया लीफ ब्लाच फंगस से पत्तियां झड़ रही हैं।
- (2) जवाहर सरसों-2 (जे.एम-2) जे.एम.डब्ल्यू.आर. 941-1-2 वर्ष 2004 में राई सरसों परियोजना मुरैना द्वारा विकसित यह किस्म भी श्वेत किटट रोग प्रतिरोधी किस्म है एवं अल्टरनेरिया भुलसन रोग के प्रति सहिष्णु है।
- ३ प्रतिशत दवा का १ ५ दिन के अन्तराल में छिड़काव करें | झुलसा (अल्टरनेरिया ब्लाइट) रोग की पहचान: सभी वायवीय भाग पर इसका प्रकोप होता है | सर्वप्रथम नीचे की पत्तियों पर किनारे से भूरे रंग के धब्बे बनते है | उपचार: इस रोग की रोकथाम के लिए २.
- ५ कुन्तल गोबर की खाद में निवेशित कर मिट्टी में मिलाएं | ५. रोगरोधी / सही सहिशुर्ण प्रजातियों के प्रमाणित बीज की बाई करनी चाहिए | जैसे अल्टरनेरिया, झुलसा रोग के लिए टी.-४, वा ई. आर. टी. टी.-६ व आर. एच. ३ ० आदि | ६. झुलसा सफेद किट्ट तथा तुसलिता रोग रोग की रोकथाम के लिये मैन्कोजेब ७ ५ प्रतिशत की २.
- अल्टरनेरिया झुलसा: इस रोग का प्रकोप पौधों के सभी भागों पर होता है| सर्वप्रथम पत्तियों के उपरी सतह पर गहरे कत्थई रंग के गोल धब्बे के रूप में लक्षण दिखाई देता है जो छल्लेदार होता है | यह रोग ऊपर की ओर बढ़ कर तने शाखाओं पुष्पक्रमों एवं फलियों को प्रभावित करता है| रोग की उग्र अवस्था में फलियाँ कलि पद जाती है और हल्का सा झटका लगने से टूटकर गिर जाती हैं|रोकथाम:१. बीज को २.५ ग्राम थीरम में प्रति किग्रा.
- १. रोग जनक की मात्रा कम करने के लिए गर्मी के दिनों मैं गहरी जुताई, फसल चक्र अपनाना, रोग ग्रसित पौधों के अवशेषों को जलना तथा खरपतवारो को नष्ट करना बहुत जरुरी है | २. अगेती बुवाई अल्टरनेरिया पट्टी झुलसा, सफेद किट्ट व चूर्णिल आसिता आदि रोगों को रोकने में सहायक होती हैं | ३. स्वस्थ व साफ़ सुथरे बीजों का प्रयोग करना चाहिए | बीज जनित रोगों रोगों से सुरक्षा के लिए २. ५ ग्रा म.
- (१) अल्टरनेरिया झुलसा: इस रोग का प्रकोप पौधों के सभी भागों पर होता है | सर्वप्रथम पत्तियों के उपरी सतह पर गहरे कत्थई रंग के गोल धब्बे के रूप में लक्षण दिखाई देता है जो छल्लेदार होता है | यह रोग ऊपर की ओर बढ़ कर तने शाखाओं पुष्पक्रमों एवं फलियों को प्रभावित करता है | रोग की उग्र अवस्था में फलियाँ कलि पद जाती है और हल्का सा झटका लगने से टूटकर गिर जाती हैं | रोकथाम: १. बीज को २.