अवहट्ठ वाक्य
उच्चारण: [ avhetth ]
उदाहरण वाक्य
- इस शैली को अवहट्ठ और राजस्थानी के मिश्रण से उत्पन्न भी माना जा सकता है।
- इस शैली को अवहट्ठ और राजस्थानी के मिश्रण से उत्पन्न भी माना जा सकता है।
- हिन्दी भाषा व साहित्य के जानकार अपभ्रंश की अंतिम अवस्था अवहट्ठ से हिन्दी का उद्भव स्वीकार करते हैं।
- ‘ आकण्णण ' के अवहट्ठ भाषा में ‘ आकण्ड ', ‘ आकण्णे ' जैसे रूप भी हैं।
- संस्कृत, अवहट्ठ, मैथिली आदि भाषाओं की कृतियां सदैव से पुस्तकों-ग्रंथों व आवाम के कंठों में संरक्षित है।
- अद्दहमाण (१ २ वीं शती) ने चार भाषाओं का प्रयोग किया है-अवहट्ठ, संस्कृत, प्राकृत और पैशाची।
- अब्दुर रहमान, दामोदर पंडित, ज्योतिरीश्वर ठाकुर, विद्यापति आदि रचनाकारों ने अपनी भाषा को ' अवहट्ट ' या ' अवहट्ठ ' कहा है।
- डॉ. सुनीतिकुमार चटर्जी ने बतलाया है कि शौरसेनी अपभ्रंश अर्थात् अवहट्ठ मध्यदेश के अलावा बंगाल आदि प्रदेशों में भी काव्यभाषा के रूप में अपना आधिपत्य जमाए हुए था।
- विद्यापति की महत्वपूर्ण रचनाओं में मैथिली में लिखी हुई पदावली, अवहट्ठ में लिखे गये दो ग्रंथ कीर्तिलता और कीर्तिपताका, संस्कृत में लिखे गये ग्रंथो में शैव सर्वस्वसार, भूपरिक्रमा, पुरूष
- इस प्रकार परवर्ती अपभ्रंश और विभिन्न प्रदेशों की विकसित बोलियों के बीच जो अपभ्रंश का रूप था और जिसका उपयोग साहित्य रचना के लिए किया गया उसे ही अवहट्ठ कहा गया है।