अहमद सरहिन्दी वाक्य
उच्चारण: [ ahemd serhinedi ]
उदाहरण वाक्य
- स्वर्गीय आचार्य शम्स नवेद उस्मानी की तर्जुमानी करते हुए एस. अब्दुल्लाह तारिक़ अपनी प्रख्यात रचना ‘अगर अब भी न जागे तो...‘ में लिखते हैं-‘नीचे हम हज़रत मुजददिद अलफ़े-सानी शैख़ अहमद सरहिन्दी रह. के मक्तूबाते-रब्बानी से कतिपय हदीसें उद्धृत हैं।
- जियाउद्दीन बरनी, शेख अहमद सरहिन्दी, शाहवली उल्लाह से लेकर सैयद अहमद बरेलवी और उन्नीसवीं शताब्दी में स्थापित देवबंद के दारूल उलूम का एकमात्र प्रयास भारतीय मुसलमानों को भारत की वेषभूषा, जीवन शैली, भाषा और इतिहास से दूर करके अरबी सांचे में ढालना रहा।