कंटकारी वाक्य
उच्चारण: [ kentekaari ]
उदाहरण वाक्य
- श्वेत कंटकारी की ताजी जड़ को दूध में पीसकर मासिकस्राव के चौथे दिन से प्रतिदिन दो ग्राम पिलाने से गर्भधारण होता है।
- नये वायु प्रणाली के शोथ (ब्रोंकाइटिस) में अड़ूसा, कंटकारी, जवासा, नागरमोथा और सोंठ का काढ़ा उपयोगी होता है।
- कंटकार्यवलेह (या कंटकारी अवलेह) के नाम से कई अन्य ओषधियो के साथ बनी का उपयोग विना भय के किया जा सकता हे।
- स्कूल के दिनो मे लिखी कविता जब पंजाब मे आतंकवाद चरम पर था क्या सफेद फूलो वाले कंटकारी (भटकटैया) के नीचे गडा खजाना होता है?
- तगर, छोटी कंटकारी, कुठ, सेंधानमक और देवदार के बूरे में इन सबको पकाकर इनके तेल का फोहा लेकर यानि के अंदर रखना चाहिए।
- कंटकारी, छोटी कटेरी इसका फ़ैलने वाला, बहुवर्षायु क्षुप होता है,पत्ते लम्बे काँटो से युक्त हरे होते है, पुष्प नीले रंग के होते है, फ़ल क्च्चे हरित वर्ण के और पकने पर पीले रंग के हो जाते है, बीज छोटे और चिकने होते है ।
- -श्वेत कंटकारी के पंचांग को सुखाकर पाउडर बना लें तथा स्त्री में मासिक धर्म के ५ वें दिन से लगातार तीन दिन प्रातः एक बार दूध से दें एवं पुरुष को: अश्वगंधा 10 ग्राम, शतावरी 10 ग्राम, विधारा 10 ग्राम, तालमखाना 5 ग्राम, तालमिश्री 5 ग्राम सब मिलकर 2 चम्मच दूध के साथ प्रातः सायं लेने पर निश्चित लाभ होता है।
- एरंड के पेड़ की जड़, सोंठ, कंटकारी, कटेरी, बिजौरा नींबू की जड़, पाषाणभेद और त्रिकुटा की जड़ों को अच्छी तरह पीसकर बारीक चूर्ण को 20 ग्राम की मात्रा में लेकर काढ़ा बना लें, इस बने काढ़े में जवाखार, हींग, सेंधानमक और अरंडी का तेल मिलाकर सेवन करने से आमजशूल, दिल का दर्द (हृदय शूल), स्तनशूल, लिंग शूल यानी लिंग (शिश्न) का दर्द और अनेक प्रकार के दर्द समाप्त हो जाते हैं।