महोपनिषद वाक्य
उच्चारण: [ mhopenised ]
उदाहरण वाक्य
- महोपनिषद में कहा गया है कि “आप वही हो जाते हैं, जो आपकी गहरी आकांक्षा होती है।” हालांकि सीता राजमहल को छोड़कर तो आ गई थीं, लेकिन थीं तो आखिर में धन की ही देवी न।
- महोपनिषद के चतुर्थ अध्याय में मोक्ष के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं जिसमें मोक्ष के चार उपायों का वर्णन प्राप्त होता है यह जो इस प्रकार हैं मनोनिग्रह, विचार, सन्तोष एवं सत्सं ग.
- सामवेदीय शाखा के अंतर्गत आने वाले इस महोपनिषद में नारायण भगवान के स्वरूप को व्यक्त करता है भगवान विष्णु जिन्हें नारायण रूप में भी पूजा जाता है उन्हीं के द्वारा सृष्टि का विकास क्रम निरंतर अग्रसर रहता है.
- महोपनिषद के पंचम अध्याय में ज्ञान एवं अज्ञान की सात भूमिकाओं को व्यक्त किया गया है जिसे महर्षि ऋभु ने अपने संवादों द्वारा अपने पुत्र को बताया है वह कहते हैं हे पुत्र ज्ञान और अज्ञान के सात-सात चरण होते हैं.