मोहन-जोदड़ो वाक्य
उच्चारण: [ mohen-jodedeo ]
उदाहरण वाक्य
- क्या यह बिलूचिस्तान से आने वालीद्रविड़-जनजाति के द्वारा प्रचारित किया गया या यहाँ का आदिम प्रजातियोंने इसे प्रारम्भ किया, अभी हम निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते, किन्तुहम यह बात तो निश्चित रूप से जानते हैं कि सर्प-पूजा मोहन-जोदड़ो मेंप्रचलित थी, जो सिन्धु-सभ्यता का एक महत्वपूर्ण अंग थी.
- सीने में उठते बवंडर की हर लहर कहाँ साहिल पाती वरना शोर के सिवा न कुछ शेष रहे बीच भँवर में दम तोड़ती घुलती कच्चे घड़े की तरह नामो-निशाँ भी न शेष रहे मोहन-जोदड़ो और हड़प्पा की खुदाई में मिले आदमी की सभ्यता के अवशेष रहे जब जमीं न हो क़दमों तले उल्टे लटके हों, नजर के सामने मगर आसमाँ शेष रहे सामाँ तो बंधा सबका है युग के सीने पर आदमी के हस्ताक्षर सनद शेष रहे
- आर. बी. दयाराम सहानी ने सन 1921 में हड़प्पा के खंडहरों का और आर. डी. बनर्जी ने सन 1927 में मोहन-जोदड़ो का सर्वे करके यह निष्कर्ष निकाला था कि यह सभ्यता 3000 वर्ष ई.प ू. विद्यमान थी. सर जॉन मार्शल का विचार है की सिन्धु घाटी सभ्यता का समय 3000 से 2750 वर्ष ई.प ू. का है. सी. वी. वैद्य ' महाभारत ए क्रिटीसीज्म ', मुंबई 1904, पृ.
- सनद शेष रहे (नए साल का स्वागत है) सीने में उठते बवंडर की हर लहर कहाँ साहिल पाती वरना शोर के सिवा न कुछ शेष रहे बीच भँवर में दम तोड़ती घुलती कच्चे घड़े की तरह नामो-निशाँ भी न शेष रहे मोहन-जोदड़ो और हड़प्पा की खुदाई में मिले आदमी की सभ्यता के अवशेष रहे जब जमीं न हो क़दमों तले उल्टे लटके हों, नजर के सामने मगर आसमाँ शेष रहे सामाँ तो बंधा सबका है युग के सीने पर आदमी के हस्ताक्षर सनद शेष रहे