रोढ़ा वाक्य
उच्चारण: [ rodha ]
उदाहरण वाक्य
- फोरलेन के ऊपर से बिजली लाइन निकालने की मंजूरी कोसमी सब स्टेशन की राह में आ रहा फोरलेन का रोढ़ा दूर हो गया है, दरअसल एनएच ने शर्तों के साथ फोरलेन पर से लाइन गुजारने
- उस देश की सरकार से माफी मांगना जो कि न सिर्फ दुनिया भर के आतंकी समूहों की मददगार बन गई है बल्कि अफगानिस्तान में शांति लाने के हमारे प्रयासों के रास्ते का रोढ़ा भी है।
- खाना नम्बर 3, 8, 9, 11, 12 का मन्दा बुध बेवकूफ कोढ़ी मल्लाह जो खतरे के वक्त अपनी बेड़ी को खुद ही गोता देने लगे और आमदन की नाली में रोढ़ा अटकाने वाला हो जावे।
- युवराज के राह में पवार का रोड़ा! कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी चाह रही हैं कि उनके लाड़ले राहुल गांधी जल्द ही गद्दीनशीं हो जाएं, पर उनकी राह में सबसे बड़ा रोढ़ा बनकर उभर रहे हैं मराठा क्षत्रप शरद पंवार।
- बैतूल टाउन में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री एके डिगरसे ने बताया कि उनका चचेरा भाई नंदकिशोर डिगरसे रोढ़ा निवासी के घायल होने और वेदांता अस्पताल जगदलपुर में भर्ती होने की सूचना मिलने पर उनकी चाची चिंदी बाई और उसकी पत्नी र्कीति डिगरसे रवाना हुए हैं।
- राष्ट्रो के बीच परस्पर विश्वास की कमी का संकट भी देश की आतंरिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है जो हमारे विकास के रास्ते में एक बड़ा रोढ़ा बना हुआ है क्योंकि इस कारण हमें अपने रक्षा बजट जो कि एक गैर उत्पादित व्यय है पर अरबो रूपये खर्च करने पड़ रहे है।
- राष्ट्रो के बीच परस्पर विश्वास की कमी का संकट भी देश की आतंरिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है जो हमारे विकास के रास्ते में एक बड़ा रोढ़ा बना हुआ है क्योंकि इस कारण हमें अपने रक्षा बजट जो कि एक गैर उत्पादित व्यय है पर अरबो रूपये खर्च करने पड़ रहे है।
- भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दरपान सिंह वोरा ने बताया कि हाथियों के झुंड ने गांव के शेर सिंह, गंगा सिंह, नरेंद्र सिंह, दीवान सिंह, बहादुर सिंह, आनंद सिंह, कुंवर सिंह, रोढ़ा सिंह आदि की धान, गन्ने की फसलों को रौंद कर नष्ट कर दिया।
- ज़हर भरा बुध जब बैठा हो खाना नम्बर 3 में कबीले पर भारी और खानदान पर मन्दा, नम्बर 8 में जानदार चीज़ों और जानों पर मन्दा, नम्बर 9 में टेवे वाले की अपनी ही हर हालत (माल व जान) पर मन्दा, नम्बर 11 में आमदन की नाली में रोढ़ा अटकावे, नम्बर 12 में कारोबार और रात की नींद बर्बाद करे।
- मेरे अपने पैतृक गांव में पानी को लेकर उस समय से गांव के लोग नेताओं के चक्कर पर चक्कर लगा कर घनचक्कर हो गये जब बात चली थी कि जगदर पर बड़ा डैम बनेगा और उसकी नहरे रोढ़ा-बाबई-सेलगांव तक पहँुचेगी लेकिन आज लगभग चालिस साल होने जा रहे हैं रोंढ़ा की तड़पती और तरसती धरती पर सूखी नहरे तक नहीं बन सकी हैं।