विज्ञान लोकप्रियकरण वाक्य
उच्चारण: [ vijenyaan lokepriyekren ]
उदाहरण वाक्य
- हिंदी माध्यम से विज्ञान लोकप्रियकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए विज्ञान परिषद् प्रयाग शताब्दी सम्मान (2012), उत्कृष्ट विज्ञान लेखन के लिए प्रतिष्ठित ‘
- विज्ञान लोकप्रियकरण का एक अहम उद्देश्य समाज से अंधविश्वास और रुढियों का उन्मूलन करना है और मेवाड़ी जी के लेखों में इस उद्देश्य की झलक गाहे-बगाहे देखने को मिलती है.
- आपको ‘ बच्चों में विज्ञान लोकप्रियकरण ' के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- वि. प्र. का उद्देश्य बड़े पैमाने पर विज्ञान लोकप्रियकरण के कार्यों/ गतिविधियों को आरंभ करने, वैज्ञानिक एवं तर्कसंगत दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और प्रचार-प्रसार करने, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार हेतु संसाधन-सह-सुविधा केंद्र के रूप में कार्य.....
- राष्ट्रभाषा हिन्दी के माध्यम से विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये विज्ञान के प्रति समर्पित संस्था ' विज्ञान परिषद प्रयाग ' ने अपने शताब्दी वर्ष में विभिन्न विभूतियों को ' विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान ' से विभूषित किया।
- वि. प् र. का उद्देश्य बड़े पैमाने पर विज्ञान लोकप्रियकरण के कार्यों / गतिविधियों को आरंभ करने, वैज्ञानिक एवं तर्कसंगत दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और प्रचार-प्रसार करने, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार हेतु संसाधन-सह-सुविधा केंद्र के रूप में कार् य.....
- मुले जी आज के अनेक हिन्दी विज्ञान लेखकों की पहली पंक्ति के पुरोधा रहे-हिन्दी विज्ञान लोकप्रियकरण के पितामह! उनका लेखन सरल था मगर फिर भी गंभीर परिशीलन की मांग रखता था-अभिव्यक्ति का छिछोरापन / सतहीपन उनको गवारा नहीं था!
- ' विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से कृष्ण कुमार यादव भी सम्मानित राष्ट्रभाषा हिन्दी के माध्यम से विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये विज्ञान के प्रति समर्पित संस्था 'विज्ञान परिषद प्रयाग' ने अपने शताब्दी वर्ष में विभिन्न विभूतियों को 'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से विभूषित किया।
- इस परिप्रेक्ष्य में लब्धप्रतिष्ठ हिन्दी विज्ञान लेखक डॉ. शिवगोपाल मिश्र ने अपनी पुस्तक ‘ विज्ञान लोकप्रियकरण तथा पत्रकारिताङ्कमें विचार व्यक्त किया है कि ‘‘ अधिकांश प्रयास अँग्रेजी भाषा के माध्यम से किये जा रहे हैं यह विसंगित है जिस पर किसी का ध्यान नही है क्योंकि अँग्रेजी भाषा की पहुँच भारत के एक प्रतिशत लोगो तक भी नहीं है।
- पुरस्कार / सम्मानः उत्कृष्ट विज्ञान लेखन के लिए प्रतिष्ठित ‘आत्माराम पुरस्कार' (2005), विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) का राष्ट्रीय पुरस्कार (2000), भारतेंदु हरिश्चंद्र राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार (1994-99 तथा 2002), उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार (1978-79) तथा विज्ञान परिषद प्रयाग द्वारा स्तरीय विज्ञान लेखन के लिए सम्मानित (1986) तथा ‘विज्ञान' का ‘देवेंद्र मेवाड़ी सम्मान अंक' प्रकाशिअत (2006)।