विस्तारा वाक्य
उच्चारण: [ visetaaraa ]
उदाहरण वाक्य
- सिन्धु महिपारा, सुरसा बदन पैठि विस्तारा ।आगे जाय लंकिनी रोका, मारेहु लात गई सुरलोका ।जाय विभीषन को सुख दीन्हा,
- ऋषि मुनियों ने पहले जुटाये गये तथ्यों को विस्तारा, संवारा तथा आवश्यक्तानुसार समय समय पर नकारा भी था।
- उसी कामदेव ने लगता है अपनी चतुरंगिनी सेना के साथ ब्लागजगत पर धावा बोल दिया है. तब आपन प्रभाउ विस्तारा,निज
- जन के काज विलंब न कीजै, आतुर दौरि महासुख दीजै ॥ जैसे कुदि सिन्धु के पारा, सुरसा बदन पैठि विस्तारा ।
- सब संतन की रक्षा कीजे, भाई दूज का फल तुम्ही से, युधिस्ठिर तुम्हारे भेद को जाना, खंदव प्रस्थ तब रहा बियाना यमुना तट एक नगर बसाया, देवलोक तक विस्मय छाया, इन्द्र किये तब वर्षा भारी, यमुना ने तट दिए पसारी धरती भीतर उदार विस्तारा, वर्षा जल संचित भय सारा इन्द्र हरा कर स्वर्ग पठायो, इन्द्रप्रस्थ तब नगर कहायो तुम हो जल अन्न की दाता, अष्ट सिद्धि तुम सुख प्रदाता चपल चतुर चंचल महारानी, कृष्ण प्रिये तुम्ही पटरानी कोटी योजन तुम्हरो विस्तारा, कलयुग केवल तुम्ही आधारा.