वीरेन्द्र कुमार बरनवाल वाक्य
उच्चारण: [ virenedr kumaar bernevaal ]
उदाहरण वाक्य
- पुस्तक का नाम हिन्द स्वराज: नव सभ्यता-विमर्श लेखक वीरेन्द्र कुमार बरनवाल प्रकाशक राजकमल प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड संस्करण पहला संस्करण: 2011 मूल्य 450 पेज 323 प्रस्तुतकर्ता
- आजमगढ़ जिले के फूलपुर कस्बे में 10 नवम्बर, 1954 को जनमे वीरेन्द्र कुमार बरनवाल कई वर्षों तक अंग्रेजी भाषा और साहित्य का प्राध्यपन करने के उपरान्त 1969 से भारतीय राजस्व सेवा (I R S) में कार्यरत हैं।
- यह आयोजन नई दिल्ली के राजेन्द्र भवन सभागार में सुबह 11ः45 से दोपहर 3 बजे तक वरिष्ठ साहित्यकार वीरेन्द्र कुमार बरनवाल, वरिष्ठ कवयित्री अनामिका, प्रसिद्ध बाल साहित्यकार और लेखक प्रकाश मनु, वरिष्ठ कथाकार पंकज बिष्ट, युवा कवि सुशील कुमार, वरिष्ठ कवयित्री डॉ.
- आगे...हिन्द स्वराज: नवसभ्यता विमर्श वीरेन्द्र कुमार बरनवाल पृष्ठ 322 मूल्य $ 29.95गांधी की सोच के वैश्विक और उत्तर-आधुनिक आयाम को बखूबी उद्धाटित करती पुस्तक आगे...प्रेमचंद की शेष रचनाएँ प्रदीप जैन पृष्ठ 352 मूल्य $ 29.95प्रेमचंद की शेष रचनाएँ आगे...कठघरे में लोकतंत्र अरूंधति रॉय पृष्ठ 215 मूल्य $ 9.
- (नास्तिक महासमाज और तर्कशील संगठन क्या कर रहे हैं?) ऐसे में जब मोहम्मद अली जिन्ना को साहित्य (जिन्ना एक पुनर्दृष्टि: वीरेन्द्र कुमार बरनवाल) और राजनीति (आडवानी से लेकर जसवंत सिंह तक) की दुनिया में धर्मनिरपेक्ष बताने की बेशर्म होड़ लगी हो तब भगतसिंह की धर्मनिरपेक्षता की रक्षा कौन करे? जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष, उदारवादी और राष्ट्रवादी साबित करने के कुलाबे भिड़ाए जा रहे हैं ।