सईद क़ादरी वाक्य
उच्चारण: [ seed kaderi ]
उदाहरण वाक्य
- अंतरों में सईद क़ादरी के बोल और बेहतर हो सकते थे पर मिथुन का संगीत और इरफ़ान की गायिकी इस कमी को महसूस होने नहीं देती।
- पर ' जिस्म ' के गीतों के लिए महेश भट्ट ने सईद क़ादरी को जो मौका दिया उसके बाद उन्हें काम के लिए फिर दौड़ना नहीं पड़ा।
- प्रीतम की फिल्मों के लिए सईद क़ादरी पहले भी लिखते रहे हैं और इस फिल्म में लिखा उनका इकलौता नग्मा उसमें व्यक्त भावनाओं के लिए बेहद सराहा गया।
- चलिए सुनते हैं इस गीत को, इसे लिखा है सईद क़ादरी ने, जो भट्ट कैम्प के अब स्थायी गीतकार बन चुके हैं और संगीतकार का नाम तो हम बता ही चुके हैं, प्रीतम।
- और हम भी टहलते हुए अचानक ही जा पहुंचे जोधपुर रेलवे स्टेशन के अहाते की उसी मशहूर किताबों की दुकान पर जहां सईद क़ादरी, डॉ सत्यनाराण, रघुनंदन त्रिवेदी के साथ चर्चा होती।....
- चलिए सुनते हैं इस गीत को, इसे लिखा है सईद क़ादरी ने, जो भट्ट कैम्प के अब स्थायी गीतकार बन चुके हैं और संगीतकार का नाम तो हम बता ही चुके हैं, प्रीतम।
- इनके अलावा जिन गीतकारों ने इस साल काम किया उनमें शामिल हैं सईद क़ादरी, मयूर पुरी, सय्यद गुलरेज़, शीर्षक आनंद, प्रशांत पाण्डेय, संदीप श्रीवास्तव, जुनैद वारसी, अजय कुमार गर्ग जिन्होने फ़िल्म 'जेल' में “दाता सुन ले” गीत को लिखा था।
- सईद क़ादरी की मज़ेदार बात सुनिए, वो रहते जोधपुर में हैं और गाने लिखने के लिए समय समय पर मुंबई में आते हैं, यहां मुंबई में स् थाई रूप से रहने वाले कई गीतकारों के पास काम ही नहीं है ।
- गीत-सईद क़ादरी संगीत-मिथुन शर्मा चलचित्र-दि ट्रेन, गायक: मिथुन शर्माप्यार के मोड़ पे छोड़ोगे जो बाहें मेरी... गीत: खुर्शीद हल्लौरी, संगीत: पंचम, गायक: सुरेश वाडकर व आशा भोसले, फिल्म: परिंदाफ़लक तक चल साथ मेरे..
- इनके अलावा जिन गीतकारों ने इस साल काम किया उनमें शामिल हैं सईद क़ादरी, मयूर पुरी, सय्यद गुलरेज़, शीर्षक आनंद, प्रशांत पाण्डेय, संदीप श्रीवास्तव, जुनैद वारसी, अजय कुमार गर्ग जिन्होने फ़िल्म ' जेल ' में “ दाता सुन ले ” गीत को लिखा था।