सच्चिदानंद सिंहा वाक्य
उच्चारण: [ sechechidaanend sinhaa ]
उदाहरण वाक्य
- सच्चिदानंद सिंहा का कहना है कि जब सरकार लोगों की शांतिपूर्ण बातों को, प्रतिरोध को नहीं सुनेगी तो भले ही मनुष्य को अपनी जीत का विश्वास न हो तो भी वह हथियार उठा लेता है.
- गांधी, लोहिया, जेपी, कुमारप्पा और शूमाखर को याद न करना चाहें तो कम से कम जोसेफ स्टिगलिट्ज, ऊगो चावेज, इवो मोरालेस, किशन पटनायक और सच्चिदानंद सिंहा की बातों पर ही गौर फरमाएं।
- 81 साल की उम्र में भी लगातार सक्रिय सच्चिदानंद सिंहा मानते हैं कि भारत में आने वाले दिनों में अगर किसी नये समाज का निर्माण करना है तो समाजवादी विचारकों को गांधी की कुछ बातों को स्वीकारना ही होगा.
- पिछले कुछ समय से गाँव को ही अपना ठिकाना बना चुके विचारक सच्चिदानंद सिंहा से हिन्दी कवि मनोज कुमार झा की बातचीत गाँव में समय, अनुभव और ज्ञान की भिन्न अवधारणाओं और उनकी पारस्परिकता को समझने का प्रयास करती है.
- पिछले कुछ समय से गाँव को ही अपना ठिकाना बना चुके विचारक सच्चिदानंद सिंहा से हिन्दी कवि मनोज कुमार झा की बातचीत गाँव में समय, अनुभव और ज्ञान की भिन्न अवधारणाओं और उनकी पारस्परिकता को समझने का प्रयास करती है.
- वैसे आजादी के दौर में भी तमाम बड़े नेता जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सर गणेश दत्त, स्वामी सहजानंद, अनुग्रह नारायण सिन्हा, श्रीकृष्ण सिंह, डॉ. सच्चिदानंद सिंहा, ब्रजकिशोर प्रसाद अपने-अपने जातीय संगठनो से भी जुड़े हुए थे।
- 81 साल की उम्र में भी लगातार सक्रिय सच्चिदानंद सिंहा मानते हैं कि भारत में आने वाले दिनों में अगर किसी नये समाज का निर्माण करना है तो समाजवादी विचारकों को गांधी की कुछ बातों को स्वीकारना ही होगा. उनसे कुछ सामयिक आगे पढें... ' हमारी 108 ने दुनिया के सारे रिकार्ड तोड़े हैं '