अवहट्ठ वाक्य
उच्चारण: [ avhetth ]
उदाहरण वाक्य
- विद्यापति की महत्वपूर्ण रचनाओं में मैथिली में लिखी हुई पदावली, अवहट्ठ में लिखे गये दो ग्रंथ कीर्तिलता और कीर्तिपताका, संस्कृत में लिखे गये ग्रंथो में शैव सर्वस्वसार, भूपरिक्रमा, पुरूष परीक्षा लिखनावली, गंगा वाक्यावली, दान वाक्यावली, विभागसार, वर्ण कृत्य आदि हैं।
- यहाँ एक बात की ओर ध्यान दिलाना आवश्यक है कि यद्यपि अवहट्ठ काव्यभाषा के रूप में ग्रहण किया गया था फिर भी यह स्वाभाविक था कि प्रांत विशेष की छाप उसपर लगती, इसीलिए काव्यभाषा होने पर भी विभिन्न अंचलों के शब्द, प्रकाशनभंगी आदि को हम उसमें प्रत्यक्ष करते हैं।
- स्वर्ण पदक विजेता डॉ शिवप्रसाद सिंह ने एमए में कीर्तिलता और अवहट्ठ भाषा पर जो लघु शोध प्रबंध प्रस्तुत किया उसकी प्रशंसा राहुल सांकृत्यायन और डॉ हजारी प्रसाद द्विवेदी ने की थी हालांकि वे द्विवेदी जी के प्रारंभ से ही प्रिय शिष्यों में थे किन्तु उसके पश्चात द्विवेदी जी का विशेष प्यार उन्हें मिलने लगा।
- यहाँ यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि हिन्दी साहित्य के प्रथम लेखक माने जाने वाले जार्ज ग्रियर्सन, मिश्रबंधुओं, राहुल सांकृत्यायन, डा ० रामकुमार वर्मा आदि जहाँ हिन्दी साहित्य का आरंभ सातवीं-आठवीं शताब्दी से मानकर इसमें परवर्ती अपभ्रंश (अथवा अवहट्ठ) की रचनाओं को भी शामिल कर लेते हैं वहीं आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि विद्वान हिन्दी साहित्य का आरंभ १ ००० ई ० के आसपास से मानते हैं।