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अष्टलक्ष्मी वाक्य

उच्चारण: [ asetleksemi ]

उदाहरण वाक्य

  1. राहु जब छठे भाव में स्थित होता है और केन्द्र में गुरू होता है तब यह अष्टलक्ष्मी नामक शुभ योग का निर्माण करता है।
  2. राहु जब छठे भाव में स्थित होता है और केन्द्र में गुरू होता है तब यह अष्टलक्ष्मी योग नामक शुभ योग का निर्माण करता है.
  3. ' ' अष्टलक्ष्मी यंत्र शीघ्र धनलाभ के लिए दीपावली की रात अष्टलक्ष्मी यंत्र की स्थापना कर शंख की माला से निम्नोक्त मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए।
  4. ' ' अष्टलक्ष्मी यंत्र शीघ्र धनलाभ के लिए दीपावली की रात अष्टलक्ष्मी यंत्र की स्थापना कर शंख की माला से निम्नोक्त मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए।
  5. सिद्धि की प्राप्ति कराने वाले इन अष्टलक्ष्मी स्वरूपों का हालाँकि कोई मानक तो नहीं है, लेकिन मुख्य तौर पर इन्हें निम्नलिखित नामों से पूजा जाता है:
  6. अष्टलक्ष्मी योग: राहु षष्ठ भावस्थ हो और गुरु भाव 1, 4, 7 या 10 में हो तो राहु को अष्टलक्ष्मी योग का सृजनकर्Ÿाा कहा जाता है।
  7. अष्टलक्ष्मी योग: राहु षष्ठ भावस्थ हो और गुरु भाव 1, 4, 7 या 10 में हो तो राहु को अष्टलक्ष्मी योग का सृजनकर्Ÿाा कहा जाता है।
  8. गर्भग्रह में भक्तों के जाने के लिए तीन दरवाजे हैं, जिन पर अष्टविनायक, अष्टलक्ष्मी और दशावतार की आकृतियां चित्रित हैं.इनके अलावा पहली मंजिल से भी दर्शन की सुविधा है.
  9. लक्ष्मी के साथ ही अष्टसिद्धियाँ-अणिमा महिला गरिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्रकाम्या, ईशिता और बसिता तथा अष्टलक्ष्मी आदि, विद्या, सौभाग्य, अमृत, काम, सत्य भोग और योग की पूजा भी करना चाहिए।
  10. आठों सिद्धियां प्रदान करने वाली अष्टलक्ष्मी इस प्रकार हैं-धन लक्ष्मी, ऐश्वर्यलक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, गजलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और अधि लक्ष्मी।
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के आस-पास के शब्द

  1. अष्टमंगल
  2. अष्टमी
  3. अष्टमुडी झील
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  5. अष्टलक्षमी कोविल
  6. अष्टसाहस्रिका प्रज्ञापारमिता
  7. अष्टा
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