कमल कपूर वाक्य
उच्चारण: [ keml kepur ]
उदाहरण वाक्य
- अन्य भूमिकाओं में सिम्पल कपाडिया, विजय अरोरा, नीलम मेहरा, मदन पुरी, पदमा चव्हाण, रमेश देव, टीपी जैन, कमल कपूर आदि प्रमुख कलाकार थे।
- इस अवसर पर अनेक राष्ट्रीय संघ के चेयरमैन राजेश भल्ला, प्रदीप कुमार, नीतिश भारद्वाज, वासू शर्मा, विशु जोशी, अजय, स्वराज विर्क, रजत खन्ना, कमल कपूर आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद थे।
- सुधा अरोरा, ममता कालिया, कमल कपूर, मन्नू भण्डारी, मृणाल पाण्डेय आदि-आदि महिला रचनाकारों ने अपनी कहानियों और समीक्षा के माध्यम से नारी-अस्मिता एवं नारी-विमर्श पर प्रकाश डाला है।
- तुम मुझको उद्दीपन दे दो......... कमल कपूर भाँति उर मेरा कोमल और अग्नि शंकित है जिस पर काला सा अतीत और धुंधला सा भविष्य अंकित है यदि इसका अभिसार कर सको युग-प्रवाह नूतन दे दूँगा।
- कहानियों में ‘ मुंकुदी-मेरे पुरूष मेरे पति ' (मंजु अरूण), लाॅस वेगस की रात (कमल कपूर) तथा विश्वास (अखिलेश शुक्ल) आज के समय तथा उससे जुड़े हुए सरोकारों पर गहन गंभीर विमर्श प्रस्तुत करती हैं।
- गुरुप्रीत सिंह, बगीचा, राय सिंह नगर, श्रीगंगानगर-335051 (रा ज.)...... लघुकथा में पृथ्वीराज अरोड़ा की ‘ कील ', कमल कपूर की ‘ प्रवासी दर्द ' एवं संतोष सुपेकर की ‘ मजबूत फैसला ' अच्छी लगी।
- सर्वप्रथम लेखिका कमल कपूर ने कदम्ब की छावं की कहानियों की रचना प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘ यदि मैं ये कहानियां ठीक-ठाक ढंग से लिख पाई हूँ तो इसके पीछे मेरी परम गुरु चित्रा दीदी का मार्ग दर्शन और आशीर्वाद है।
- कमल कपूर सम्मानित-चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित एक भव्य साहित्यकार सम्मान समारोह में फरीदाबाद की साहित्यकार कमल कपूर को पुस्तक पुरस्कार योजना 2006-0 7 वर्ष के अंतर्गत पुरस्कृत (प्रथम) उनकी कथा कृति ' छांव ' के लिए पुरस्कृत / सम्मानित किया गया।
- कमल कपूर सम्मानित-चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित एक भव्य साहित्यकार सम्मान समारोह में फरीदाबाद की साहित्यकार कमल कपूर को पुस्तक पुरस्कार योजना 2006-0 7 वर्ष के अंतर्गत पुरस्कृत (प्रथम) उनकी कथा कृति ' छांव ' के लिए पुरस्कृत / सम्मानित किया गया।
- गुडगाँव-गुडगाँव के जीआईए सभागार में नारी अभिव्यक्ति मंच ‘ पहचान ' और ‘ शब्द शक्ति ' के संयुक्त तत्वावधान में कथाकार कमल कपूर के आठवें कथा-संग्रह ‘ कदम्ब की छावं ' का लोकार्पण समारोह की मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार सुश्री चित्रा मुद्गल तथा हरियाणा ग्रन्थ अकादमी की निदेशक डा. मुक्ता के कर कमलों से संपन्न हुआ।